शेयर बाजार में निवेश पर बड़े लाभ का दिया झांसा, जबलपुर में डाॅक्टर से तीन करोड़ की ठगी
पुलिस ने जांच की तो चिकित्सक से हड़पी गई राशि शीतलामाई निवासी संस्कार केसरवानी के बैंक खाता में ट्रांसफर होना पाया गया। उसे पकड़कर पूछताछ की गई तो धोख ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 03 Apr 2026 10:48:18 PM (IST)Updated Date: Fri, 03 Apr 2026 10:51:44 PM (IST)
जबलपुर में डाॅक्टर से तीन करोड़ की ठगी।HighLights
- - जबलपुर पुलिस की सायबर सेल ने आरोपित को किया गिरफ्तार
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर के एक चिकित्सक को एक युवक ने शेयर बाजार में बड़े लाभ का झांसा दिया। निवेश के नाम पर उससे तीन करोड़ चार लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए और वह राशि हड़प गया। मामले में जबलपुर सायबर पुलिस ने आरोपित खमरिया के तिघरा निवासी सौरभ विश्वकर्मा उर्फ राहुल (25) को गिरफ्तार किया है।
आरोपित ने अपने एक साथी के साथ मिलकर गोराबाजार निवासी एहतेशाम अहमद अंसारी के साथ सायबर धोखाधड़ी की थी। उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर बाजार में लाभ के बड़े दावे करके बातों में फंसाया।
शेयर में निवेश पर पांच से पांच सौ प्रतिशत तक लाभ की गारंटी देकर चिकित्सकों से अलग-अलग किस्त में तीन करोड़ रुपये से ज्यादा राशि को ऑनलाइन ट्रांसफर कराया।
एक एप के माध्यम से निवेश किए गए शेयर की दर में कई गुना वृद्धि होने की जानकारी दी। बढ़ी कीमतों पर चिकित्सक ने शेयर बेचकर रुपये वापस लेने का प्रयास किया।
भुगतान के लिए उनसे पूर्व में और राशि जमा करने को कहा गया। तब चिकित्सक को आशंका हुई और उन्होंने पुलिस में शिकायत की। जांच में उनके साथ धोखाधड़ी होना पाया गया। इस मामले में पूर्व में आरोपित संस्कार केशरवानी की गिरफ्तारी हो चुकी है।
ऐसे मिला यह सुराग
- पुलिस ने जांच की तो चिकित्सक से हड़पी गई राशि शीतलामाई निवासी संस्कार केसरवानी के बैंक खाता में ट्रांसफर होना पाया गया।
- उसे पकड़कर पूछताछ की गई तो धोखाधड़ी में आरोपित साैरभ की संलिप्तता का पता चला।
- जांच में सामने आया कि सौरभ ने संस्कार को बैंक खाता किराए पर देने पर कमीशन का झांसा दिया था। उसके बाद सौरभ के साथ जाकर संस्कार ने बैंक में खाता खुलवाया।
- उसके बाद सायबर धोखाधड़ी और ठगी की राशि संस्कार के खाते में ट्रांसफर कराने लगा।
- हर ट्रांजेक्शन पर संस्कार काे निर्धारित कमीशन देता था।
- अपने पाले में करने के लिए सौरभ ने संस्कार को इंदौर में लेकर पार्टी भी दिया। यह सब कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस सौरभ तक पहुंच गई।
भेजा गया जेल, पूर्व में पकड़ा जा चुका
- जांच में सामने आया कि आरोपित सौरभ सायबर धोखाधड़ी और ठगी करने वालों के लिए किराए पर बैंक खाते दिलाने का काम करता था।
- वह बेरोजगार युवकों को कमीशन का झांसा देकर उनके बैंक खाता का आइडी एवं पासवर्ड हासिल कर लेता था।
- फिर सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर अपराधियों से संपर्क साधता था। दूसरे के खातों पर सायबर धोखाधड़ी राशि ट्रांसफर कराता था।
- उसके बाद वह राशि एटीएम से निकालकर खाता धारक को एक निर्धारित कमीशन देता था।
- शेष राशि में अपना कमीशन काटकर सायबर अपराधी को शेष राशि भेज देता था।
- आरोपित सौरभ पूर्व में भी धोखाधड़ी में पकड़ा जा चुका है। आरोपित को शुक्रवार को न्यायालय के निर्देश पर जेल भेज दिया गया है।