रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में गायब रहने वाले कर्मचारियों, शिक्षकों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज
औचक निरीक्षण में जो स्थिति सामने आई है ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में संबंधित विभागाध्यक्षों से भी जानकारी मांगी गई है। शनिवा ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 26 Jan 2026 09:26:31 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Jan 2026 09:37:53 PM (IST)
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय।HighLights
- रादुवि जारी करेगा नोटिस, शिक्षण प्रभावित करने वालों पर होगा एक्शन।
- दरअसल कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा को लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
- शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने छापामार निरीक्षण किया था।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों में शिक्षकों और कर्मचारियों की लापरवाही अब भारी पड़ेगी। कुलगुरु के औचक निरीक्षण में विभागों में कर्मचारी गैरहाजिर मिले जिसके बाद कुलगुरु ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।
दरअसल कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभाग बंद रहते हैं और नियमित कक्षाएं प्रभावित होती हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पिछले दिन छापामार निरीक्षण किया। एमसीए विभाग पहुंचने पर मुख्य गेट पर ताला लटका मिला।
विभागाध्यक्ष, अतिथि विद्वान और चपरासी तक मौजूद नहीं थे। सतीश सर्वटे, विनय, संध्या श्रीवास्तव सहित अतिथि विद्वान नहीं थे। चौकीदार ने गेट पर ही ताला लगा दिया था। कुलगुरु ने इसके बाद गणित विभाग का निरीक्षण किया गया, जहां भी स्टाफ गैरहाजिर मिला।
अनाती राव, इंद्रदत्त उमरलिया, जावेद शरीफ, धनेंद्र राव अनुपस्थित थे। जांच में यह बात भी सामने आई कि कर्मचारी स्टाफ शनिवार को आते ही नहीं हैं। कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा ने कहा कि शैक्षणिक विभागों में नियमित कक्षाएं सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
औचक निरीक्षण में जो स्थिति सामने आई है ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में संबंधित विभागाध्यक्षों से भी जानकारी मांगी गई है। शनिवार को भी जरूरी है शैक्षणिक उपस्थिति: विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शनिवार को अवकाश में शैक्षणिक विभाग इस व्यवस्था से अलग हैं।
इनके लिए उपस्थिति अनिवार्य है और नियमित शिक्षण कार्य संचालित होना चाहिए। कुलगुरु ने संबंधित विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उस दिन का वेतन भी काटने की कार्रवाई की जाएगी। अतिथि विद्वानों, विजिटिंग फैकल्टी पर भी कार्रवाई की बात कही गई है। पहले जवाब मांगा जाएगा, उसके बाद आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।