
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी बांध में 13 पर्यटकों की जान लेने वाले बहुचर्चित क्रूज हादसे की जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। हादसे की जांच कर रहे एकल सदस्यीय आयोग के समक्ष मंगलवार को पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव इलैयाराजा टी और मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटीडीसी) के प्रबंध संचालक दिलीप यादव पेश हुए।
हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता वाले आयोग ने दोनों अधिकारियों के बयान दर्ज किए।आयोग ने हादसे से जुड़ी प्रशासनिक जवाबदेही, सुरक्षा मानकों के पालन, क्रूज संचालन व्यवस्था तथा दुर्घटना के बाद उठाए गए कदमों को लेकर विस्तृत जानकारी ली।
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि हादसे के बाद क्षतिग्रस्त क्रूज को तोड़ने अथवा उससे जुड़े साक्ष्यों को प्रभावित करने जैसी कोई कार्रवाई हुई थी या नहीं।
आयोग इस बिंदु की भी गहन पड़ताल कर रहा है। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी ने बताया कि विभिन्न अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
दस्तावेजों और तकनीकी तथ्यों का परीक्षण भी लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आयोग की जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंप दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल को बरगी बांध में पर्यटन क्रूज दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गया था। हादसे में 13 पर्यटकों की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद सुरक्षा प्रबंधन, संचालन व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
अब आयोग की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों और जवाबदेही का खुलासा होने की उम्मीद है।