
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी क्रूज हादसे की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन जांच कमेटी के चारों सदस्यों की अनुपस्थिति में ही हादसे से बचे पर्यटकों के बयान दर्ज किए जाने पर सवाल उठने लगे हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट के मीटिंग हॉल में सभी प्रभावित पर्यटकों को बयान के लिए बुलाया गया। इस दौरान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसडीएम अभिषेक सिंह की मौजूदगी में कर्मचारियों द्वारा एक-एक कर पर्यटकों के बयान दर्ज किए गए। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पर्यटकों ने हादसे से जुड़ी भयावह घटनाओं को साझा किया।
हादसे में बची अनामिका सोनी अपनी दोनों बेटियों समृद्धि और आराध्या के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं और उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने मीडिया से भी चर्चा की और बताया कि हादसे के दौरान क्रूज के चालक और एक अन्य कर्मचारी ने यात्रियों को बचाने के बजाय खुद की जान बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। अनामिका ने बताया कि शुरुआत में वे क्रूज के ऊपरी हिस्से में थीं, लेकिन तेज हवाएं चलने पर नीचे आ गईं। नीचे आने के बाद उन्होंने कर्मचारी से लाइफ जैकेट मांगी, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया।
जब हवाएं तूफान में बदल गईं, तब किसी तरह उन्हें लाइफ जैकेट मिल सकी। उस दौरान यात्री ही एक-दूसरे की मदद कर रहे थे। अचानक क्रूज पलटने लगा और केबिन में पानी भरने लगा। इसी बीच उनकी बेटी समृद्धि ने साहस दिखाते हुए केबिन का कांच तोड़ा और बाहर निकलने में सफल रही। अनामिका ने आगे बताया कि उन्होंने क्रूज संचालन स्थल पर मौजूद अपने एक परिचित को फोन किया, जो तैरकर मौके पर पहुंचा और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
एसडीएम अभिषेक सिंह ने एक-एक कर सभी पर्यटकों से बात की और उनकी आपबीती सुनी। इस दौरान हादसे के खौफनाक मंजर को याद करते हुए कई पर्यटकों की आंखें भर आईं। उन्होंने हादसे के पहले से लेकर हादसे और इसके बाद जो-जो हुआ, वो सब कुछ बयान में दर्ज कराया। हालांकि इस हादसे की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है, लेकिन बयान दर्ज करने के दौरान एक भी सदस्य मौजूद नहीं रहा। सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक बयान लिए गए।
क्रूज हादसे की जांच के लिए बनी समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय शुक्ला करेंगे, जबकि महानिदेशक होमगार्ड प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव एवं पर्यटन विभाग के सचिव इलैयाराजा टी व जबलपुर संभाग के आयुक्त धनंजय सिंह भदौरिया शामिल हैं। समिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि आठ दिन पूरे हो चुके हैं और अभी सिर्फ बयान ही दर्ज किए गए हैं। पर्यटन विभाग ने क्रूज के डूबने का कारण प्राथमिक तौर पर तेज हवा और आंधी को माना है, जिससे क्रूज असंतुलित हो गया और यात्री एक तरफ इकट्ठा हो गए, जिसके चलते क्रूज पलट गया और डूब गया। हालांकि सही कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
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