
अतुल शुक्ला, नईदुनिया, जबलपुर। बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, हादसे से काफी दिन पहले क्रूज के दोनों इंजनों में खराबी की चेतावनी पर्यटन विभाग को दी गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
मार्च 2026 में बरगी स्थित मैकल रिसोर्ट के मैनेजर ने लिखित रूप से क्रूज में तकनीकी खामियों की जानकारी दी थी। इस पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि संचालित हो रहे क्रूज में लगे दो इंजन में से एक इंजन धीमी गति से काम कर रहा है और संचालन के दौरान उसकी क्षमता घट चुकी है, जबकि दूसरा इंजन स्टार्ट होने के बाद कभी भी बंद हो जाता है।
यह पत्र पर्यटन विभाग के माध्यम से भोपाल स्थित जल क्रीड़ा विभाग के महाप्रबंधक को भेजा गया था। यहां चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग ने इस गंभीर चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और फाइल को दबा दिया गया। इतना ही नहीं, शिकायत करने वाले मैनेजर सुनील मरावी को ही सस्पेंड कर दिया गया, जिससे पूरे मामले पर पर्दा डालने की आशंका और गहरा गई है। इस संबंध में जब नईदुनिया ने सुनील मरावी से बात करने का प्रयास किया तो पहले उन्होंने बात करने से मना कर दिया, बाद में कहा कि ऐसा कोई पत्र मैंने नहीं लिखा।
बरगी बांध में संचालित दो क्रूज में से एक लंबे समय से बंद पड़ा है और उसके भी इंजन खराब हैं। दूसरे क्रूज के इंजन में खराबी की जानकारी रिसोर्ट मैनेजर ने पत्र के माध्यम से दी थी। इसके बावजूद संचालन व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया। जिला कलेक्टर सहित कई प्रशासनिक और जिम्मेदार अधिकारी भी इस क्रूज की सवारी कर चुके हैं, लेकिन तकनीकी खामियों की अनदेखी होती रही। विभाग की इस लापरवाही ने पर्यटकों की जान को जोखिम में डाल दिया।
इधर, मामले में न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए पुलिस को एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बरगी थाना पुलिस को दो दिनों के भीतर कार्रवाई कर न्यायालय को अवगत कराने को कहा गया है। संभावना जताई जा रही है कि क्रूज के कैप्टन पर एफआइआर दर्ज की जा सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हादसे की जिम्मेदारी और दोषियों पर कार्रवाई कब तक होगी।
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