
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग के अधीक्षक मुकेश बर्मन ने मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें पूछताछ के लिए दो जुलाई तक सीबीआई की रिमांड पर भेज दिया। बर्मन पिछले वर्ष दिसंबर में दर्ज रिश्वत प्रकरण के बाद से फरार चल रहे थे और उनकी तलाश में सीबीआई लगातार कार्रवाई कर रही थी।
सीबीआई ने होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी की शिकायत पर 17 दिसंबर 2025 को कार्रवाई करते हुए सीजीएसटी के तत्कालीन सहायक आयुक्त विवेक वर्मा और निरीक्षक सचिन खरे को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान अधीक्षक मुकेश बर्मन का नाम भी सामने आया।
कार्रवाई की भनक लगते ही वह मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद सीबीआई ने उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी।
सीबीआई की टीम ने बर्मन की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश भी दी, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। फरारी के दौरान जांच एजेंसी ने विशेष अदालत में उनकी संपत्ति कुर्क करने के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किया था।
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इस पर अदालत ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें 16 जुलाई तक उपस्थित होने का अवसर दिया था। इसी बीच मुकेश बर्मन ने विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अब सीबीआई पुलिस रिमांड के दौरान उनसे रिश्वत प्रकरण और अन्य बिंदुओं पर पूछताछ करेगी।