
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत निर्धारित घटकों में एक नागरिक फीडबैक भी है। जो स्वच्छता की रैकिंग तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। लिहाजा अधिक से अधिक नागरिकों को नागरिक फीडबैक के प्रति जागरूक कर शहर को स्वच्छता में अव्वल बनाने का उद्देश्य है।
नगर निगम प्रशासन के साथ शहर के होटल, मेडिकल और बिल्डर एसोसिएशन भी आगे आ गए हैं। उन्होंने ये ऐलान भी किया है कि नागरिक यदि फीडबैक देते हैं तो उन्हें होटल-अस्पताल और प्रतिष्ठानों में 10 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
मानस भवन स्थित बोर्ड रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें होटल, मेडिकल और बिल्डर एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया। निगमायुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी एसोसिएशनों से सिटीजन फीडबैक में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
निगमायुक्त ने चर्चा की कि शहर की रैंकिंग सुधारने में आम नागरिकों और ग्राहकों का सकारात्मक फीडबैक अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही जबलपुर को स्वच्छता सर्वेक्षण प्रतियोगिता में नंबर बनाया जा सकता है।
बैठक में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निर्णय लेते हुए आश्वस्त किया कि जो ग्राहक स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत शहर के लिए सकारात्मक फीडबैक देंगे, उन्हें उनके बिल में 10 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को फीडबैक प्रक्रिया से जोड़ना है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने घोषणा की है कि वे अपने-अपने संस्थानों में आने वाले ग्राहकों और मरीजों को अपने स्तर पर विशेष रियायत व छूट देंगे, जो स्वच्छता फीडबैक के लिए प्रेरित करेगी।
बैठक में थ्री आर रिड्यूस, रीयूज और रिसायकिल की अवधारणा को मजबूती देने के लिए एसोसिएशनों ने बड़ी जिम्मेदारी ली है। होटल एसोसिएशन ने शहर के पांच और मेडिकल एसोसिएशन ने छह आरआरआर सेंटरों के संचालन का जिम्मा उठाने का आश्वासन दिया।
इन सेंटरों पर एसोसिएशन के सहयोग से पुरानी पुस्तकें, खिलौने, कपड़े और अन्य उपयोगी सामग्री दान करने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई गई। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सभी एसोसिएशनों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जब व्यावसायिक और सामाजिक संगठन प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं, तभी शहर स्वच्छता मॉडल के रूप में उभरता है।
विश्वास जताया कि इन प्रोत्साहनों से नागरिक फीडबैक की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी होगी। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। बैठक में अपर आयुक्त अरविन्द शाह, देवेन्द्र सिंह चैहान, उपायुक्त संभव अयाची, स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन एवं एसोसिएशन के समस्त पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।
साफ-सुधरी सड़क, चमचमाते डिवाइडर और चौराहों पर रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटिंग के साथ ठंडी फुहारें छोड़ते फव्वारें। ये कोई और नही बल्कि अपना शहर जबलपुर है। जो स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के लिए पूरी तरह से लगभग तैयार हो चुका है। नगर निगम प्रशासन, जनप्रतिनधियों के साथ ही नागरिकों के सहयोग से सर्वेक्षण में नया कीर्तिमान रचने अग्रसर है।
अधिकारियों का दावा है कि इस बार जबलपुर स्वच्छता की रैकिंग में पहला स्थान हासिल करेगा। जरूरत है कि शहर की स्वच्छता व सुंदरता बनाए रखने के लिए नागरिकों के सहयोग की। नागरिक शहर की स्वच्छता के अलावा नगर निगम द्वारा दी जा रही बेहतर सुविधाएं को लेकर आसान से 13 सवालों के साकारात्मक फीडबैक देकर इसमें सहयोग कर सकते हैं।
विदित हो कि 12500 अंको के स्वच्छ सर्वेक्षण में नागरिक फीडबैक पर 1000 अंक और सिटी ब्यूटीफिकेशन पर 1500 अंक निर्धारित है। जबकि सफाई व अन्य घटकों के तहत 10500 अंक निर्धारित है। जबलपुर को यदि ये अंक मिलते हैं तो अपना जबलपुर भी स्वच्छ के शिखर पर पहुंच सकता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों के बीच शहर में स्वच्छता नजर आने लगी है। नगर निगम द्वारा कराए जा रहे कार्य दिखने लगे हैं। नागरिकों की सहभागिता और सहयोग से शहर आदर्श के रूप में स्थापित हो रहा है। हालांकि सफाई व्यस्था में अब भी सुधाार की गुजाइंश है।
नागरिक घरों में डस्टबिन में कचरा फेंकने की बजाये सड़क पर फेंक रहे इस आदत में सुधार लाना होगा। फिलहाल स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश भर में दूसरा स्थान बनाएं रखने के लिए सड़कों की सफाई मैकेनिकल स्वीपिंग से कराते हुए धूल पर नियंत्रण पाया जा रहा है। मदन महल आदि शंकराचार्य चौक, तीन पत्ती, मालवीय चौक, मालगोदाम चौक पर फाउंटेन धूल मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शहर की तस्वीर बदलने में ब्यूटीफिकेशन के कार्यों ने अहम भूमिका निभाई है। शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों का न केवल कायाकल्प किया गया है, बल्कि वहां लगाए गए आधुनिक फाउंटेन और लाइटिंग की गई है।- रोड डिवाइडर की रंगाई-पुताई कर आकर्षक पेंटिंग कराई जा रही।
स्वच्छता के संदेश लिखे जा रहे हैं- बिजली के जंग लगे पोल को पेंट कर चकाचक किया जा रहा है- नदी, तालाबों की सफाई कर स्वच्छ व सुंदर बनाया जा रहा है- शहर की मुख्य सड़कों के किनारे पेवर ब्लाक लगाए जा रहे हैं
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