नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने गेहूं की कालाबाजारी से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व जिला प्रबंधक रवि सिंह को राहत नहीं दी है। दरअसल, इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने रवि सिंह को अतिरिक्त आरोपित बनाकर समन जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवश्यक वस्तुओं के गबन और हेराफेरी के संबंध में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार नाै नवंबर, 2014 को लगभग 50.63 क्विंटल वजन वाली 100 बोरियों गेहूं की एक खेप सरकारी उचित मूल्य दुकान संख्या 398 के नाम पर जारी की गई थी।
हालांकि, निरीक्षण और जांच के दौरान, उक्त खेप निर्धारित वितरण चैनल से पूरी तरह से असंबद्ध स्थान पर पाई गई। गेहूं को उसके निर्धारित गंतव्य से हटा दिया गया था।
अभियोजन के अनुसार फर्जी दस्तावेजों को तैयार उक्त परिवहन दिखाया गया था, जबकि गेहूं की आपूर्ति के लिए ऐसा कोई आदेश-चालान जारी नहीं किया गया था।
याचिकाकर्ता उस समय राज्य नागरिक आपूर्ति निगम में जिला प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरण तंत्र के पर्यवेक्षण और विनियमन के लिए उत्तरदायी थे।
यद्यपि जांच पूरी होने पर दायर आरोपपत्र में याचिकाकर्ता को प्रारंभ में आरोपित के रूप में नामित नहीं किया गया था, लेकिन मुकदमे के दौरान सामने आए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अतिरिक्त आरोपित के रूप में तलब किया।