
अतुल शुक्ला, नईदुनिया जबलपुर । गांव को माडल के तौर पर विकसित करने के लिए हर विधानसभा में एक वृंदावन गांव बनाया जाएगा, जहां रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं को फायदा मिलेगा, बल्कि सड़क, पानी, बिजली और सफाई की व्यवस्था भी होगी।
प्लांट की भी अवधारणा पर काम शुरू कर दिया है। जबलपुर में भी वृंदावन गांव बनाए जाएंगे। इसके लिए चार विधानसभा में चार गांवों का चयन किया गया है। खास बात यह है कि इन गांवों में किसी एक विभाग के बजाय सभी विभाग मिलकर काम करेंगे, जिससे ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का समग्र लाभ एक ही स्थान पर मिल सके। जिला पंचायन ने इस ओर काम शुरू भी कर दिया है और चार गांवों का चयन भी पूरा हो गया है।
जिले में बरगी विधानसभा के अंतर्गत शहपुरा ब्लाक का बेलखेड़ा, पनागर विधानसभा के बरेला ब्लाक का पड़वार, कुंडम विधानसभा के कुंडम ब्लाक का लोहकरी और पाटन विधानसभा के मझौली ब्लाक का गड़हा भिटौनी गांव को “वृंदावन ग्राम” के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन गांवों में पशुपालन और डेयरी आधारित गतिविधियों को केंद्र में रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा। इन वृंदावन ग्राम में मुख्यतौर पर पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को प्रमुख आधार बनाया गया है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, चारा विकास, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और मूल्य संवर्धन पर काम किया जाएगा। गांवों में गौशालाओं का विकास, डेयरी यूनिट, कृत्रिम गर्भाधान केंद्र और पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे किसानों की आय में स्थायी वृद्धि हो सके।
वृंदावन गांवों का चयन, इसमें तय मापदंड को ध्यान में रखकर पूरा किया गया है। इन चारों गांवों में कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन का एकीकृत मॉडल विकसित किया जाएगा। इससे किसानों को सालभर रोजगार और आय के विविध स्रोत मिलेंगे।
जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, गोबर गैस प्लांट और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे लागत घटेगी और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता विभागों के बीच समन्वय है।
कृषि, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, उद्यानिकी, विद्युत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर काम करेंगे। इससे पात्र हितग्राहियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि एक ही गांव में योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
इसमें सौर ऊर्जा, डिजिटल पंचायत, पुस्तकालय, खेल मैदान, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक परिसंपत्तियों का विकास शामिल है। साथ ही आंतरिक सड़क, नाली निर्माण, पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सामुदायिक तालाब, फार्म पोंड, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। हरित एवं स्वच्छ वातावरण के लिए पौधारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी काम होगा। इसके साथ ही वृंदावन ग्रामों में महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूत किया जाएगा।
जबलपुर की चार विधानसभा में चार गांव को चयन वृंदावन ग्राम योजना में किया गया है। इस गांव की अवधारण, गांव में रहने वाले लोगों को हर योजना और सुविधा का लाभ देगा है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर पैदा करना है।
अभिषेक गेहलाेत, सीईओ, जिला पंचायत, जबलपुर