
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मौसम के बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। किसान भी चिंतित हो उठे हैं। क्योंकि 36 डिग्री तक पहुंचे तापमान के बीच चिलचिलाती धूप के बाद बिन मौसम बरसात हो रही है। बीते दो दिनों में जबलपुर में 12.1 मिमी बारिश दर्ज की गई जो करीब आधा इंच है। जबलपुर के आस-पास ओलावृष्टि भी हुई।
पिछले चार दिनों में दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से छह डिग्री गिरकर 29 डिग्री पर आ गया है। गर्मी के बाद अचानक बारिश के कारण लोगों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। अस्पतालों में भीड़ बढ़ने लगी है। वहीं किसान भी खेतों में खड़ी गेहूं, चना और मूंग की फसल को लेकर चिंतित है। उन्हें आशंका है कि बिना मौसम बरसात से उनकी फसल को नुकसान हो सकता है।
कृषि विभाग के उपसंचालक एसके निगम का कहना है कि मौसम के इस बदलाव ने किसानों की चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन समय रहते सावधानी बरतने से फसलों पर होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है। कटाई के लिए तैयार फसल को जल्द सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन करें। हालांकि शनिवार को मौसम सुबह से साफ है।
क्षेत्रीय मौसम कार्यालय के अनुसार मार्च के महीने में तापमान दिन प्रतिदिन बढ़ता जाता है। सतही हवाएं आमतौर पर हल्की और दिशा में परिवर्तनशील होती हैं। उत्तर भारत से होकर जाने वाले पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से कभी कभी आकाश बादलों से आच्छादित हो जाता है तथा कभी गरज-चमक के साथ वर्षा-ओलावृष्टि भी संभावना रहती है।
वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, एक ट्रफ के रूप में उत्तर प्रदेश एवं पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर हरियाणा से उत्तर छत्तीसगढ़ तक, उत्तर अवस्थित है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ, मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ पवनों में एक ट्रफ के रूप में उत्तर में अवस्थित है। एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।
मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पहले भी मार्च के महीने में बिन मौसम बरसात हो चुकी है। पिछले 10 वर्षों में मार्च के महीने में बारिश के आंकड़ों पर गौर करें तो सर्वाधिक पांच वर्ष पूर्व 2020 में 20 मार्च को सर्वाधिक 24.8 मिमी यानि करीब एक इंच बारिश हुई थी। जबकि तीन वर्ष पूर्व वर्ष 2022 में मार्च का महीना सूखा रहा। इस साल मार्च के महीने बारिश नहीं हुई।
बिना मौसम बरसात का असर न सिर्फ कृषि बल्कि लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। वर्तमान में 800 से अधिक ओपीडी वाले एनएससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बेमौसम बारिश से सर्दी, खांसी-बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। 100 से ज्यादा मरीज शनिवार को वायरल संक्रमण से पीड़ित होने के बाद उपचार को पहुंचे।
जबकि इनकी संख्या पिछले दिनों में 50 से कम थी। 500 से अधिक ओपीडी वाले जिला अस्पताल विक्टोरिया में शनिवार को खांसी और सांस में लेने में तकलीफ वाले महिला व पुरुष मरीजों की संख्या 120 से अधिक दर्ज की गई। इनमें अस्थमा के मरीज भी अधिक थे।