हाई कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर लगाई रोक, गरीब परिवार के मकान को तोड़ने पर अंतरिम रोक, सरकार से मांगा जवाब
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की विशेष बेंच ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 04 Apr 2026 10:50:33 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Apr 2026 10:50:33 PM (IST)
बुलडोजर पर एमपी हाई कोर्ट का ब्रेक।HighLights
- रीवा में 'बुलडोजर' पर एमपी हाई कोर्ट का ब्रेक
- गरीब परिवार के मकान को तोड़ने पर अंतरिम रोक
- मौखिक धमकी के खिलाफ याचिकाकर्ता को राहत
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की विशेष बेंच ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। इसी के साथ राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। याचिकाकर्ता रीवा जिला, हुजूर तहसील अंतर्गत चिरहुला निवासी तेजबली सिंह सहित अन्य की ओर से प्रफुल्ल शर्मा ने पक्ष रखा।
बिना लिखित आदेश के मौखिक धमकियों पर हाई कोर्ट की शरण
उन्होंने दलील दी कि बिना किसी लिखित आदेश के मकान तोड़ने का खतरा मंडरा रहा है। इसीलिए हाई कोर्ट की शरण ली गई है। दरअसल, नगर निगम और पटवारी द्वारा लगातार मौखिक धमकियां दी जा रही हैं। याचिकाकर्ताओं के पास 696 वर्ग फीट जमीन का वैध पट्टा कोर्ट है, इसलिए मनमानी कार्रवाई चुनौती के योग्य है।
अधिवक्ता ने बताया कि मामले की अर्जेंसी के कारण मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की बेंच के समक्ष शुक्रवार को रिक्वेस्ट की गई थी। जिनके निर्देश पर शनिवार को मामला विशेष बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए नियत हुआ।
यह भी पढ़ें- हाई कोर्ट से डॉक्टरों को बड़ी राहत, ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा के बदले मिलेंगे 30% तक बोनस अंक, 60 दिन में निराकरण के निर्देश
कलेक्टर से निर्देश न मिलने पर कोर्ट ने दी अंतरिम राहत
राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने यह स्वीकार किया कि उन्हें इस कार्रवाई के संबंध में कलेक्टर रीवा से कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। मामले के तथ्यों और प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि संबंधित 696 वर्ग फीट के मकान को न तो तोड़ा जाएगा और न ही किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई जाएगी।