जबलपुर में बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगाने और बिजली काटने पर मानव अधिकार आयोग सख्त, विद्युत कंपनी से मांगी रिपोर्ट
बिजली आपूर्ति बाधित किए जाने के आरोपों को लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 14 Jun 2026 09:52:07 PM (IST)Updated Date: Sun, 14 Jun 2026 09:53:25 PM (IST)
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं ने दबाव बनाने के आरोप लगाएHighLights
- स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं ने दबाव बनाने के आरोप लगाए
- मानव अधिकार आयोग ने मामले को मानवाधिकार उल्लंघन से जोड़ा
- विद्युत कंपनी से दो सप्ताह में जांच प्रतिवेदन तलब
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिले में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जाने और विरोध करने पर बिजली आपूर्ति बाधित किए जाने के आरोपों को लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले को प्रथम दृष्टया मानव अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा मानते हुए मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक से दो सप्ताह में जांच प्रतिवेदन तलब किया है।
अधिकारी मीटर बदलवाने के लिए दबाव बना रहे
जानकारी के अनुसार, उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं होने के बावजूद विद्युत कंपनी के अधिकारी मीटर बदलवाने के लिए दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई मामलों में बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष है।
मजबूरन स्मार्ट मीटर लगवाना पड़ा
मामले में चर्च कंपाउंड, इनकम टैक्स चौराहा निवासी पंकज बोरो का उदाहरण भी सामने आया है। आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार करने पर उनके घर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिसके बाद उन्हें मजबूरन स्मार्ट मीटर लगवाना पड़ा।
जनहित में मामला दर्ज किया गया
मप्र मानव अधिकार आयोग की क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि जनहित में मामला दर्ज किया गया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने विद्युत कंपनी के प्रबंध संचालक को मामले की जांच कराकर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब आयोग की अगली सुनवाई में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।