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Jabalpur Cruise Accident : जहां रहती थी पर्यटकों से चहल-पहल, वहां अब सन्नाटा, बरगी हादसे का दर्द अब भी जिंदा

पर्यटक अब यहां इक्का-दुक्का ही आते हैं इसका सीधा असर आसपास के गांव से आकर सड़क पर खाने-पीने की सामग्री बेचने वालों की आय पर हुआ है। अब उनके सामने रोजी...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 12:04:48 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 12:17:08 PM (IST)
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Jabalpur Cruise Accident : जहां रहती थी पर्यटकों से चहल-पहल, वहां अब सन्नाटा, बरगी हादसे का दर्द अब भी जिंदा
हादसे के बाद पसरा सन्‍नाटा (बरगी डेम हादसे के बाद डूबा क्रूज)। नईदुनिया

HighLights

  1. बरगी में लोगों के कम आने से ठप पड़ा रोजगार
  2. क्रूज में सफर करवाना महंगा साबित हुआ
  3. क्रूज हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई थी

नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर। वीकेंड में यहां रोज सैकड़ों लोग पहुंचते थे, लेकिन 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे के बाद पूरा नजारा बदल गया है। इस हादसे से सिस्टम की पोल खोल दी। आधी अधूरी तैयारी के साथ पर्यटकों को क्रूज में सफर करवाना महंगा साबित हुआ और क्रूज हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। जिसके बाद वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियाें को बंद कर दिया गया।

इस फैसले के बाद बरगी डैम की रौनक खत्म हो गई

बरगी बांध के किनारे अब पहले जैसी रौनक नहीं दिखती। जहां कभी बच्चों की आवाजें, मोटर बोट की गूंज और पर्यटकों की भीड़ रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई।

आजीविका पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर थी

मामला अदालत तक पहुंचा और राज्य सरकार ने जांच आयोग गठित कर 90 दिन का समय मांगा है। लेकिन इस बीच सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ा है, जिनकी आजीविका पूरी तरह पर्यटन पर निर्भर थी।

पूरे दिन में 50 से 100 रुपये की कमाई भी मुश्किल से

बरगी नगर निवासी प्रीति बर्मन पिछले सात वर्षों से बांध के पास फल और नाश्ते का सामान बेचकर परिवार का गुजारा कर रही हैं। वह बताती हैं कि पहले रोज 300 से 400 रुपये तक की बिक्री हो जाती थी, लेकिन अब पूरे दिन में 50 से 100 रुपये की कमाई भी मुश्किल से हो पाती है।


बाहर से आने वाले पर्यटक लगभग बंद हो गए हैं

शहर के बाहर से आने वाले पर्यटक लगभग बंद हो गए हैं। अब केवल आसपास के स्थानीय लोग ही कभी-कभार पहुंचते हैं। हादसे से पहले मेकल रिसोर्ट और बांध के आसपास करीब 25 से 30 छोटे दुकानदार रोज कारोबार करते थे। आज वहां मुश्किल से दो-तीन दुकानें ही खुलती हैं। कारोबार ठप होने से कई लोगों ने रोजगार की तलाश में शहर का रुख कर लिया है।

मेकल रिसोर्ट के प्रबंधक आनंद का कहना है कि पर्यटकों की कमी की वजह केवल गर्मी नहीं है। स्कूलों की छुट्टियां खत्म होना एक कारण जरूर है, लेकिन सबसे बड़ा असर वोट क्लब और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां बंद होने से पड़ा है। उनका मानना है कि बारिश के बाद यदि सुरक्षा मानकों के साथ पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू होती हैं तो बरगी का पर्यटन फिर से पटरी पर लौट सकता है।

बरगी हादसे के बाद बदली तस्वीर

  • 30 अप्रैल को क्रूज हादसे में 14 लोगों की मौत।
  • वाटर स्पोर्ट्स और वोट क्लब गतिविधियां बंद।
  • पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट।
  • सड़क किनारे कारोबार करने वाले परिवारों की आय 70-80 प्रतिशत तक घटी।
  • कई छोटे व्यापारियों ने रोजगार की तलाश में पलायन किया।
  • जांच आयोग की रिपोर्ट का इंतजार, पर्यटन गतिविधियां अब भी प्रभावित।

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