
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर । अपना जबलपुर स्वच्छता की नई इबारत लिख रहा है। शहर के ऐसे स्थानों की काया पलट दी है जहां से लोग गुजरने से भी परहेज करते थे। शहर के कई ऐसे स्थल हैं जहां पहले कचरा-गंदगी बिखरी रहती थी, मवेशियों का जमावड़ा हुआ करता था।
वर्तमान में अधिकांशत: ऐसे स्थलों की तस्वीर बदल गई है। वे दर्शनीय स्थल बन गए हैं। जहां अब आस-पास के मोहल्ला, कालोनियों के लोग भी सैर-सपाटा करने पहुंचने लगे हैं।
शहर के गौरीघाट क्षेत्र में नर्मदा तट क पास इस तरह का मनोहारी सौंदर्यीकरण यहां आने वाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। लोग यहां सेल्फी लेने के साथ ही ज्यादातर समय बिता रहे हैं।
अन्य क्षेत्रों को भी सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। जरूरत है तो नागरिकों के सहयोग की। मसलन नागरिक स्वच्छ व सुंदर बनाए गए स्थलों को गंदा न करे स्वच्छता का ध्यान रखें।
12500 अंकों के लिए हो रहे स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइडलाइन में इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में दर्शनीय स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण घटक भी शामिल किए गए हैं। यानि सफाई के अलावा शहर के सौंदर्यकरण भी जोर दिया गया है।
इस घटक में 1500 अंक निर्धारित किए गए हैं। ये अंक हासिल करने की शहर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए दीवारों पर आकर्षक कलाकृतियां बनाई जा रही हैं।
बैकलेन को स्वच्छ व सुंदर बनाया जा रहा है।सड़क से लेकर चौराहों तक का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उद्देश्य यही है कि हर का कोना-कोना सुंदर नजर आए।
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