
सुरेन्द्र दुबे, नईदुनिया जबलपुर। संस्कारधानी की माटी से निकलकर भारतीय सिनेमा में अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली व्यक्तित्व और अभिनय की विशिष्ट छाप छोड़ने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का मंगलवार, चार अगस्त को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली। उनके मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी के अनुसार शाम करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच उनका निधन हुआ। वे पिछले कुछ समय से कैंसर के दोबारा उभरने के बाद अस्पताल में भर्ती थे। प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को जबलपुर में हुआ था।

बीआर चोपड़ा की चर्चित टेलीविजन श्रृंखला महाभारत में अश्वत्थामा की भूमिका ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। इसके बाद बड़े पर्दे पर भी उन्होंने अपने अभिनय का अलग मुकाम बनाया।
आमिर खान अभिनीत गजनी में गजनी धर्मात्मा की भूमिका ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय बना दिया। इससे पहले सरफरोश और लगान जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया।
दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी प्रदीप रावत ने हिंदी के साथ तेलुगु और तमिल फिल्मों में प्रभावशाली भूमिकाएं निभाईं। उनकी पहचान केवल खलनायक तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे चरित्र की जरूरत के मुताबिक अभिनय में विविध रंग भरने वाले कलाकार थे। जबलपुर की धरती का यह बेटा आज भले ही हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी आवाज, चेहरा और निभाए किरदार सिनेमा की स्मृतियों में लंबे समय तक जीवित रहेंगे। संस्कारधानी के इस प्रतिभाशाली कलाकार को भावभीनी श्रद्धांजलि।