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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जबलपुर नगर निगम का अमल, आवारा श्वानों के लिए बनाई यह योजना

कठौंदा में करीब एक एकड़ भूमि में शेल्टर होम बनाया बनाया जाएगा जबकि अलग-अलग क्षेत्रों के आवारा श्वानों को रखने के लिए नगरीय व उपनगरीय क्षेत्रों में तीन...और पढ़ें

By Sunil dahiyaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 08:37:03 AM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 08:37:03 AM (IST)
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जबलपुर नगर निगम का अमल, आवारा श्वानों के लिए बनाई यह योजना
हर गली चौराहों से लेकर मोहल्ला, कालोनियों में आवारा श्वान नागरिकों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। प्रतीकात्‍मक चित्र

HighLights

  1. शहर में आवारा श्वानों की संख्या लगभग 40 हजार तक पहुंच गई है
  2. डाग बधियाकरण केंद्र में पिंजरों की संख्या 65 से बढ़ाकर 150 है
  3. शेल्टर होम बनाने के लिए जगह की तलाश लगभग कर ली है

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। खतरनाक व बीमार आवारा श्वानों को लेकर बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने अमल करते हुए कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है।

शेल्टर होम बनाने के लिए जगह तलाशी

प्रारंभिक कड़ी में नगर निगम प्रशासन ने आवारा श्वानों के लिए शेल्टर होम बनाने के लिए जगह की तलाश लगभग कर ली है। आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रित करने के लिए कठौंदा में संचालित डाग बधियाकरण केंद्र में पिंजरों की संख्या 65 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है। 100 पिंजरे और बढ़ाने का दावा किया जा रहा है।

नगर निगम ने अभी तक श्वानों की गणना तो नही कराई परंतु एक अनुमान के तहत शहर में करीब 40 हजार से ज्यादा श्वान हैं। इनमें अधिकांश रैबीज से ग्रसित भी हो सकते हैं। परंतु नगर निगम को भी बीमार और खतरनाक श्वानों की कोई सटीक जानकारी या आंकड़े नही है। गत दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश के के बाद निगम प्रशासन ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं। लिहाजा यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आवारा आतंक से निजात सकती है।


अभी कठौंदा में सिर्फ बधियाकरण

फिलहाल नगर निगम प्रशासन का पूरा फोकस अभी आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने पर है। कठौंदा में संचालित डाग हाउस में रोजाना 30 से 35 बधियाकरण करने का दावा किया जा रहा है।

कुछ दिन बाद छाेड़ दिया जाता है

डाग हाउस यानी पिंजरे की संख्या 65 और बढ़ाकर 150 कर दी है। जहां श्वानों बधियाकरण के बाद रखा जाता है और कुछ दिन बाद छाेड़ दिया जाता है।

नागरिकों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं

विदित हो कि शहर में आवारा श्वानों की संख्या लगभग 40 हजार तक पहुंच गई है। शहर की हर गली चौराहों से लेकर मोहल्ला, कालोनियों में आवारा श्वान नागरिकों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं।

हर क्षेत्र में बढ़ी संख्या, यहां है ज्यादा आतंक

  • सिविक सेंटर
  • माडल रोड
  • घमापुर- रद्दीचौकी मार्ग
  • अधारताल-गोहलपुर
  • दमोहनाका
  • भंवरताल
  • कठौंदा मार्ग ग्रीन सिटी
  • दीनदयाल चौक
  • दीक्षितपुरा

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