• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर नगर निगम के AHI पोलाराव की सफाई कर्मी के रूप में हुई थी भर्ती, 30 वर्ष में बना 2.82 कराेड़ का मालिक

वर्तमान में पोलाराव नगर निगम के 16 जोन में से पांच जोन की स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रभार संभाल रहे हैं।

By Sunil dahiyaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 17 Jun 2026 01:15:47 PM (IST)Updated Date: Wed, 17 Jun 2026 01:15:47 PM (IST)
  • Join करें
जबलपुर नगर निगम के AHI पोलाराव की सफाई कर्मी के रूप में हुई थी भर्ती, 30 वर्ष में बना 2.82 कराेड़ का मालिक
4 जोन के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और पार्टनर ठेकेदार के घर पर कार्रवरई करती ईओडब्ल्यू। नईदुनिया

HighLights

  1. ईओडब्ल्यू टीम का निजी आवास व कार्यालय में छापा
  2. आय से अधिक संपत्ति का किया खुलासा, प्रकरण दर्ज
  3. टीम ने दावा किया है कि संपत्ति बढ़ भी सकती है

नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को नगर निगम जबलपुर के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोलाराव के निवास और कार्यालय पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक साथ छापामार कार्रवाई की।

16 जोन में से पांच की स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रभार

प्रारंभिक जांच में पोलाराव और उनके परिजनों के नाम पर करीब 2.82 करोड़ रुपये की संपत्ति उजागर हुई है, संपत्ति बढ़ भी सकती है। वर्तमान में पोलाराव नगर निगम के 16 जोन में से पांच जोन की स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रभार संभाल रहे हैं।

भ्रष्टाचार की शिकायत पर सुबह छह बजे तीन टीमों ने मारा छापा

naidunia_image

ईओडब्ल्यू को पोलाराव के खिलाफ भ्रष्टाचार के माध्यम से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।


ईओडब्ल्यू की कार्रवाई से नगर निगम में भी हड़कंप

मंगलवार सुबह करीब छह बजे ईओडब्ल्यू की तीन टीमों ने विजय नगर जेडीए स्कीम नंबर 11 आदि प्लाजा के पीछे स्थित निवास और कार्यालय पर एक साथ तलाशी शुरू की। ईओडब्ल्यू की कार्रवाई से नगर निगम में भी हड़कंप के हालात रहे।

फ्लैट, भूखंड, कृषि भूमि के दस्तावेज मिले

जांच के दौरान प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी के पास मिली संपत्ति देख जांच टीम भी हैरान रहीं। पोलाराव और उनके परिजनों के नाम पर 45 लाख रुपये मूल्य का फ्लैट, 65 लाख रुपये का भूखंड, 16 लाख रुपये का घरेलू सामान, 10 लाख रुपये की बीमा पालिसियां, 150 ग्राम सोने के आभूषण तथा 232 किलोग्राम चांदी के आभूषण मिलने की जानकारी सामने आई है।

नकद लेनदेन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए

एक चार पहिया वाहन और तीन दोपहिया वाहनों का भी पता चला है। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने 1.19 करोड़ रुपये के नकद लेनदेन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। साथ ही पोलाराव एवं उनके परिजनों के छह बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनमें लगभग 10 लाख रुपये जमा होना पाया गया है। बैंकों में जमा करीब 450 ग्राम सोना होने की भी संभावना जताई गई है।

कार्रवाई पूरी होने पर संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता

अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी होने पर संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। प्रारंभिक मूल्यांकन के आधार पर अब तक करीब 2.82 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति उजागर हुई है।

दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की विस्तृत जांच शुरू

ईओडब्ल्यू ने जब्त दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, बैंक खातों, आभूषणों और अन्य निवेशों की जांच अभी जारी है।

पोलाराव के पास था पांच जोन का प्रभार

नगर निगम के 16 जोन अंतरगत पांच जोन जोन क्रमांक छह दमोहनाका, आठ भानतलैया, नौ लालमाटी, 10 रांझी और 11 नंबर जोन गोकुलदास धर्मशाला के अंतरगत आने वाले वार्डों में सफाई व्यवस्था व स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यों जिम्मेदारी प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी के रूप में इन्हीं के पास हैं।

परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा कि कुल कितनी संपत्ति है

ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनके पास कुल कितनी संपत्ति है तथा वह उनकी ज्ञात आय के अनुपात में कितनी है। ईओडब्ल्यू की इस कार्रवाई से नगर निगम में भी हड़कंप मचा रहा। दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सफाई कर्मचारी के रूप में नगर निगम में हुई थी भर्ती

पोलाराव की नियुक्ति वर्ष 1996 में सफाई कर्मचारी के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्हें सफाई सुपरवाइजर बनाया गया। 2016 में 11 नंबर जोन मुख्य स्वच्छता निरीक्षक यानी सीएसआई की जिम्मेदारी सौंपी गई।

- 2023-24 यानी तीन साल पहले ही उन्हें प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। एक साथ पांच जोन की कमान मिली। एक सफाई कर्मचारी से प्रभारी सहायक स्वास्थय अधिकारी तक का सफर तय करने के दौरान उन्होंने करीब दो करोड़ की संपत्ति के मालिक बन गए।

उजागर संपत्ति एक नजर में

  • फ्लैट (आवास) : 45 लाख रुपये
  • भूखंड : 65 लाख रुपये
  • घरेलू सामान : 16 लाख रुपये
  • बीमा पॉलिसियों में निवेश : 10 लाख रुपये
  • 150 ग्राम सोने के आभूषण : 22.50 लाख रुपये
  • 232 किलोग्राम चांदी के आभूषण : 3 लाख रुपये
  • एक चार पहिया वाहन : 8.50 लाख रुपये
  • तीन दोपहिया वाहन : 6.20 लाख रुपये
  • छह बैंक खातों में जमा राशि : करीब 10 लाख रुपये
  • बैंकों में जमा लगभग 450 ग्राम सोना होने की संभावना
  • 1.19 करोड़ रुपये के नकद लेनदेन से संबंधित दस्तावेज जब्त
  • कुल अनुमानित अनुपातहीन संपत्ति : 2.82 करोड़ रुपये

अब आगे क्या

ईओडब्ल्यू ने जब्त दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इधर नगर निगम प्रशासन भी जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगा।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में राष्ट्रपति के दौरे के बीच री-नीट परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था, 21 जून के लिए एडवाइजरी जारी