
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक की कार को टक्कर मारने का आरोपित एसएएफ कर्मी का बेटा निकला। रांझी पुलिस ने आरोपित बड़ा पत्थर के मनमोहन नगर निवासी मनीष धनधारिया को गिरफ्तार कर लिया है। दुर्घटना के बाद आरोपित ने कार को घर में छिपा दिया था। पुलिस ने घर में खड़ी उसकी कार भी बरामद कर ली है। आरोपित मनीष के पिता एसएएफ की रांझी स्थित छठवीं बटालियन में पदस्थ हैं। राज्यसभा सांसद बाल्मीक 20 फरवरी को कार क्रमांक एमपी 20 जेडई 7788 से रांझी में अपने आवास जा रही थी। उनकी कार रात को लगभग साढ़े नौ बजे जैसे ही गोकलपुर के लक्ष्मी मंदिर के पास पहुंची, तभी पीछे पहुंची एक तेज रफ्तार कार के चालक ने उनके वाहन को टक्कर मार दिया।
दुर्घटना के बाद कार चालक तेजी से वाहन चलाते हुए खमरिया की ओर भाग गया था। दुर्घटना के समय कार में राज्यसभा सांसद के साथ ही उनका सुरक्षा कर्मी और निज सहायक भी था। दुर्घटना में कार का एक भाग क्षतिग्रस्त हुआ था, लेकिन गनीमत यह रही कि उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची। दुर्घटना के बाद से पुलिस लगातार कार और आरोपित चालक की तलाश कर रही थी। लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। आरोपित कार चालक मनीष शातिर था। उसने दुर्घटना के समय पहचान लिया था कि जिस वाहन को टक्कर मारा है, उसमें राज्यसभा सांसद सवार हैं। पुलिस उसे ढूंढेगी, इस डर से बचने के लिए वह अलग रास्ते से घर पहुंचा। फिर कार को घर में पार्क किया और कवर से ढक कर रख दिया। दुर्घटना के बाद से कार घर पर ही खड़ी थी।
दुर्घटना के बाद पुलिस ने गोकलपुर-रांझी मार्ग पर देर रात गुजरने वाले वाहनों के फुटेज देखे। लगभग तीन किलोमीटर के दायरे में लगे 40 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर टक्कर मारने वाली कार को चिन्हित किया। फुटेज में चालक बेलगाम गति से कार चलाते हुए दिखा। गति इतनी ज्यादा थी कि कैमरे में उसका नंबर स्पष्ट पढ़ना मुश्किल था। कार की पहचान के लिए पुलिस ने वाहन के अलग-अलग कोण से 10 से अधिक फोटो निकलवाएं। इसमें एक जगह पर कार की कांच में पुलिस का स्टीकर लगा दिखाई पड़ा। फिर पुलिस ने संबंधित कार के मॉडल के पुलिस स्टीकर लगे वाहन की तलाश शुरू की। 20 से ज्यादा संदिग्ध कारों की जानकारी जुटाई, लेकिन आरोपित का पता नहीं लगा।
छानबीन के दौरान रविवार को मनमोहन नगर में पुलिस स्टीकर वाली एक कार कई दिन से एक घर में खड़े होने की भनक लगी। तुरंत जाकर जांच की गई। यह वही कार निकली जिसने दुर्घटना की थी। कार को जब्त करते हुए आरोपित चालक मनीष धनधारिया को पकड़कर थाने लायी। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह सीनियर स्टाफ क्लब में एक पार्टी में गया था, जहां से पार्टी के बाद वह देर रात कार से घर लौट रहा था। रास्ते में उसकी कार से सांसद के वाहन को टक्कर लग गई थी। घबराहट में वह तेजी से वाहन चलाते हुए भाग गया था।
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