जबलपुर में ऑनलाइन गेमिंग कंपनी पर 300 करोड़ रुपये की GST चोरी का आरोप, एक ही पते पर निकलीं 4 कंपनियां
सतना की गैजिक प्राइवेट लिमिटेड और संबद्ध कंपनियों के ऑनलाइन गेमिंग कारोबार की जांच में करीब 300 करोड़ रुपये की संभावित जीएसटी चोरी सामने आई। सीजीएसटी ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 21 Jun 2026 09:45:41 AM (IST)Updated Date: Sun, 21 Jun 2026 09:45:41 AM (IST)
300 करोड़ रुपये की संभावित जीएसटी कर चोरी का राजफाश। (एआई जनरेटेड)HighLights
- ऑनलाइन गेमिंग कारोबार में 300 करोड़ जीएसटी चोरी
- सीजीएसटी जबलपुर की एंटी एवेजन टीम ने जांच की
- तीन कंपनियां एक ही पते से संचालित मिलीं
नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर: सतना स्थित मेसर्स गैजिक प्राइवेट लिमिटेड व उससे संबद्ध संस्थाओं के ऑनलाइन गेमिंग कारोबार की जांच में लगभग 300 करोड़ रुपये की संभावित जीएसटी कर चोरी का राजफाश हुआ है। सीजीएसटी आयुक्तालय, जबलपुर की एंटी एवेजन टीम ने विश्वसनीय सूचनाओं, तकनीकी विश्लेषण एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर गैजिक प्राइवेट लिमिटेड की जांच की।
जांच में पाया कि गैजिक प्राइवेट लिमिटेड ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों में थी और इससे संबंधित अन्य कंपनियां खेलब्रो प्राइवेट लिमिटेड एवं स्किलब्रो प्राइवेट लिमिटेड एक ही पते से संचालित हो रही थीं। इन कंपनियों के निदेशक भी समान व्यक्ति पाए गए हैं, जिसके आधार पर इनके मध्य व्यावसायिक संबंधों, गतिविधियों एवं वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।
ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन
- प्रारंभिक जांच में प्राप्त तथ्यों से संकेत मिले हैं कि आनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किए गए, जिनकी प्रारंभिक जांच में ही लगभग 300 करोड़ रुपये की कर अपवंचना का अनुमान लगाया गया है।
- सूत्रों के अनुसार सीजीएसटी, जबलपुर द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान आनलाइन गेमिंग कारोबार में अब तक एक करोड़ की राशि की वसूली की जा चुकी है। जांच पूर्ण होने पर अपवंचन की राशि और बढ़ सकती है।
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10 करोड़ के जारी किए थे बोगल बिल
27 दिसंबर 2025 की रात स्टेट जीएसटी की टीम ने एल्युमिनियम स्क्रैप के फर्जी बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का अवैध लाभ लेने की सूचना लीगल कंसलटेंसी आशीष कोटवानी के भंवरताल स्थित ऑफिस में दबिश दी थी। अनियमितताएं मिलने पर ऑफिस को सील कर दिया था। जांच में ऐसे दस्तावेज भी मिले जो फर्जी थे। सामने आया कि इनके द्वारा लगभग 10 करोड़ के बोगस बिल जारी किए गए थे। पत्नी, भाई और पिता के नाम पर चार फर्म चलाई जा रही थीं।
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कार्रवाई में वसूली थी एक करोड़ रुपये की राशि टैक्स और पेनाल्टी
- 17 दिन पहले तीन जून 2026 को भी ई-वे बिल के बिना माल परिवहन और टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। केंद्रीय जीएसटी की इन्वेस्टिगेशन विंग ने जबलपुर के बड़े गुटखा-पान मसाला कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लार्डगंज, चौथा पुल सहित शहर के अलग-अलग पांच ठिकानों पर छापे मारे थे।
- संबंधित फर्में लंबे समय से टैक्स चोरी कर रही थीं। कारोबारी द्वारा बिना ई-वे बिल के माल का परिवहन किया जा रहा था और जीएसटी का समुचित भुगतान भी नहीं किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान एक करोड़ रुपये की राशि टैक्स और पेनाल्टी वसूली की गई थी।