
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट ने भरण-पोषण संबंधी मामले में आवेदिका के पक्ष में राहतकारी आदेश दिया है। अदालत ने अनावेदक पति मनीष कोरी को निर्देशित किया है कि वह आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि से पत्नी आरती कोरी को प्रतिमाह तीन हजार रुपये भरण-पोषण राशि प्रदान करेगा।
पनागर निवासी आरती कोरी ने अधिवक्ता संजय शर्मा के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदिका की ओर से बताया गया कि उसका विवाह अप्रैल 2024 में हिंदू रीति-रिवाज से गोसलपुर निवासी मनीष कोरी के साथ हुआ था।
आरोप है कि विवाह के बाद ससुराल पहुंचने पर पति एवं अन्य ससुरालजन दहेज की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। पति द्वारा मोटरसाइकिल और पिता का मकान अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाने तथा मारपीट करने के आरोप भी लगाए गए।
प्रताड़ना से परेशान होकर आरती विवाह के चार माह बाद मायके में रहने लगी। आर्थिक कठिनाइयों के चलते उसने भरण-पोषण के लिए आवेदन किया था। अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए आठ सितंबर, 2025 से प्रतिमाह तीन हजार रुपये देने के आदेश दिए। मामले में अधिवक्ता सुबोध अग्रवाल व आशीष खंपरिया ने भी सहयोग किया।
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