MP हाई कोर्ट ने आर्मी ऑफिसर के विरुद्ध दुष्कर्म की एफआईआर निरस्त की, आपसी सहमति से बने थे संबंध
2012 में भोपाल की आर्मी कैंटीन में दोनों की पहली मुलाकात हुई और मोबाइल पर बातें शुरू हुईं। महिला का आरोप था कि आर्मी ऑफिसर ने खुद को कुंवारा बताया, ले ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 17 Mar 2026 08:29:50 PM (IST)Updated Date: Tue, 17 Mar 2026 08:38:33 PM (IST)
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट।HighLights
- एफआईआर एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा दर्ज कराई गई थी।
- आरोप था ऑफिसर ने शादी का प्रलोभन देकर संबंध बनाए।
- ऑफिसर की ओर से दलील दी गई दोनों में 2012 से सबंध थे।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई काेर्ट के न्यायमूर्ति विनय सराफ की एकलपीठ ने आर्मी आफिसर के विरुद्ध दुष्कर्म की एफआइआर निरस्त करने का आदेश पारित किया। कोर्ट ने आदेश में साफ किया कि आपसी सहमति से संबंध बने थे, बाद में दबाव बनाने की नीयत से एफआईआर दर्ज कराई गई। चूंकि प्रकरण सहमति का है, अत: अपराध की परिधि में नहीं आता। इससे साफ है कि जब दोनों के बीच रिश्ते में खटास आई, तब शिकायतकर्ता ने आर्मी ऑफिसर पर रिश्ता जारी रखने का दबाव बनाने के लिए यह एफआईआर दर्ज कराई।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा
13 साल तक चले लंबे और निरंतर रिश्ते को देखते हुए यह मानना असंभव है कि शारीरिक संबंध केवल शादी के झूठे वादे के आधार पर बने थे। कोर्ट ने साफ किया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 यानी धोखे से शारीरिक संबंध बनाना और धारा 351(2) के तहत कोई सबूत नहीं मिला है।
कोर्ट ने इसे कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग मानते हुए आर्मी ऑफिसर की वह याचिका स्वीकार कर ली, जिसके जरिए एफआईआर निरस्त किए जाने की प्रार्थना की गई थी।
एफआईआर एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा दर्ज कराई गई थी। उसका आरोप था कि आर्मी ऑफिसर ने शादी का प्रलोभन देकर संबंध बनाए। वहीं आर्मी ऑफिसर की ओर से दलील दी गई कि दोनों के बीच 2012 से सबंध थे।
दरअसल, 2012 में भोपाल की आर्मी कैंटीन में दोनों की पहली मुलाकात हुई और मोबाइल पर बातें शुरू हुईं। महिला का आरोप था कि आर्मी ऑफिसर ने खुद को कुंवारा बताया, लेकिन 2013 में पता चला कि वह शादीशुदा है। इसके बावजूद दोनों के बीच संबंध 2025 तक जारी रहे।
आर्मी आफिसर ने भरोसा दिलाया था कि वह अपनी पत्नी से तलाक लेकर उससे शादी करेगा। 2025 में महिला को पता चला कि आर्मी ऑफिसर अन्य महिलाओं के भी संपर्क में था।। इसके बाद आर्मी ऑफिसर ने कथित तौर पर उसे धमकी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।