रिलेशन बिगड़ने पर दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराना अनुचित, MP हाई कोर्ट ने टिप्पणी के साथ निरस्त की एफआईआर
दलील दी गई कि दोनों के बीच संबंध सहमति से थे। पीड़िता एक विवाहित महिला है, जिसकी एक बच्ची है, जो अपने पति से अलग रह रही है, और इस तथ्य से भली-भांति अव ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 20 Mar 2026 09:11:25 PM (IST)Updated Date: Fri, 20 Mar 2026 09:22:18 PM (IST)
दुष्कर्म संबंधी शिकायतों पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का अहम फैसला।HighLights
- महिला ने यह कहते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
- आवेदक ने वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी।
- यह भी कहा गया कि तलवार की नोंक पर दुष्कर्म किया है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने एक मामले में स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि दो वयस्क मनमर्जी से संबंध बनाते है, बाद में फिर अगर दोनों के बीच विवाद होता है, रिलेशन बिगड़ जाते है, तो ऐसे में महिला यदि दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करती है, तो यह उचित नहीं है। इस मत के साथ कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोप में फंसे आवेदक के विरुद्ध दर्ज एफआइआर निरस्त कर दी।
कटनी निवासी मुकेश ठकुरानी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त व अधिवक्ता ईशान दत्त ने पक्ष रखा। दरअसल, महिला ने यह कहते हुए महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि आवेदक ने वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी है और तलवार की नोंक पर दुष्कर्म किया है।
आवेदक और उसकी पत्नी अलग रहते हैं। वर्ष 2019 को कोर्ट में काम के दौरान मुकेश की मुलाकात शिकायतकर्ता महिला से हुई। महिला भी अपने पति से अलग रह रही थी। दोनों में दोस्ती हुई और संबंध बने।
कुछ दिन बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। दलील दी गई कि दोनों के बीच संबंध सहमति से थे। पीड़िता एक विवाहित महिला है, जिसकी एक बच्ची है, जो अपने पति से अलग रह रही है, और इस तथ्य से भली-भांति अवगत है कि तलाक मिलने तक वह कहीं और शादी नहीं कर सकती।
आपत्तिजनक स्थिति में अश्लील वीडियो बनाए जाने के आरोप के संबंध में, साइबर सेल द्वारा कुछ भी बरामद नहीं किया गया है। लिहाजा, पीड़िता के आरोप कि पत्नी को तलाक देने के झूठे वादे के आधार पर उसे रिश्ते में फुसलाया गया था, यह असत्य है।