'कानून की इतनी भी जानकारी नहीं...', दुष्कर्म केस में MP हाईकोर्ट की SP और डीएसपी को कड़ी फटकार, कार्यप्रणाली पर सवाल
जबलपुर हाई कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में समानांतर जांच करने पर नर्मदापुरम के SP और डीएसपी को फटकार लगाई। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 02 May 2026 12:41:01 PM (IST)Updated Date: Sat, 02 May 2026 12:46:01 PM (IST)
एसपी और डीएसपी की कानूनी समझ पर उठे सवाल, MP हाइकोर्ट की फाइल फोटोHighLights
- आरोपित के पिता के आवेदन पर शुरू हुई जांच
- कोर्ट ने रिपोर्ट को ट्रायल में उपयोग से रोका
- जमानत अर्जी वापस लेकर खारिज की गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की सिंगल बेंच ने दुष्कर्म मामले में समानांतर जांच किए जाने पर नर्मदापुरम जिले के एसपी और डीएसपी को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह आश्चर्यजनक है कि इतने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कानून की बुनियादी जानकारी नहीं है।
आरोपित के पिता के आवेदन पर शुरू हुई जांच
मामले में सामने आया कि इटारसी के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (SDPO), जो डीएसपी रैंक के बराबर होते हैं, ने एसपी के निर्देश पर समानांतर जांच की। यह जांच आरोपित के पिता द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें दुष्कर्म की शिकायत को झूठा बताया गया था।
बिना बयान के ही बना दी रिपोर्ट
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किए बिना ही यह निष्कर्ष दे दिया कि आरोप झूठे हैं। न्यायमूर्ति ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी मामले में सभी पक्षों को सुना जाना आवश्यक होता है, जो इस मामले में नहीं किया गया।
रिपोर्ट के उपयोग पर रोक
हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस तरह की समानांतर जांच रिपोर्ट का किसी भी स्तर पर, किसी भी उद्देश्य से उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि एसडीपीओ कार्यालय का इस्तेमाल एकतरफा और कानूनविरुद्ध रिपोर्ट तैयार करने के लिए किया गया।
जमानत अर्जी हुई निरस्त
आरोपित ने अपनी जमानत अर्जी में इसी जांच रिपोर्ट का हवाला दिया था। हालांकि, कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद आरोपित के वकील ने अर्जी वापस लेने का अनुरोध किया। कोर्ट ने अर्जी को वापस ली गई मानते हुए निरस्त कर दिया।
डीजीपी को भेजे जाएंगे आदेश
कोर्ट ने अपने आदेश की प्रति राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें यह जानकारी मिल सके कि नर्मदापुरम में दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों की जांच किस प्रकार की जा रही है।