
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। वृंदावन के संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक की आत्महत्या की जांच सात दिन बाद भी जारी है। 25 सितंबर की सुबह साढ़े 10 बजे उन्होंने आत्महत्या की। आत्महत्या से पहले उन्होंने अपने गुप्तांग को ग्राइंडर से काटा।
आत्महत्या की सूचना मिलने पर दीपक के स्वजन ने आरोप लगाया था कि वे पिछले दो वर्षों से उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। पुलिस ने अब स्वजन को फिर से बुलाया है और शिष्यों के समूहों के अगुवाई करने वालों से नए सिरे से पूछताछ करने की योजना बना रही है।
दीपक, जो जबलपुर के नर्मदा बस्ती का निवासी था, दो वर्ष पहले वृंदावन आया और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद उन्हें रसिक दुलारी शरण नाम मिला। वह श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के पास गुरुकृपा कुंज नामक चार मंजिला अपार्टमेंट में युगल नेही शरण के साथ रह रहे थे।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि की है कि दीपक ने आत्महत्या की, लेकिन गुप्तांग काटने का रहस्य अभी भी अनसुलझा है। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि संत के शिष्य की आत्महत्या के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा होगा।
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