
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर में गर्मी का पारा चढ़ते ही ठंडे पानी की मांग बढ़ गई है, लेकिन इसी के साथ मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। सिहोरा क्षेत्र में शनिवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने एक ऐसी फैक्ट्री पर छापा मारा है, जहां बिना किसी प्यूरीफिकेशन सिस्टम के सीधे बोरवेल के पानी को पाउच में भरकर बाजार में बेचा जा रहा था। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया है और संचालक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही संचालक के विरुद्ध एफआइआर की तैयारी की जा रही है।
सिहोरा स्थित सिविल कोर्ट के पीछे पुलिस लाइन में मयंक त्रिपाठी द्वारा संचालित मयंक बिवरेजेस का निरीक्षण करने सुबह-सुबह खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम पहुंची। मौके पर गंदगी के बीच रेक्सटोम ब्रांड के पानी के पाउच में बोरवेल का पानी भरा जा रहा था। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने औचक निरीक्षण के बाद फैक्ट्री से 2500 पाउच पानी जब्त किए और नगरपालिका दल की सहायता से नष्ट कराया गया।
महत्वपूर्ण है कि दो माह पहले भी इसी फैक्ट्री पर स्वच्छता का ध्यान नहीं देते हुए पाउच में पानी भरे जाने का कार्य जारी रखने पर खाद्य कारोबार संचालन रोक दिया गया था। इस बीच सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने सक्षम न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे को निर्देश दिए हैं। साथ ही माँ वैष्णो बिवरेजेस, रीवा के नाम से पाउच पैक होना भी पाया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेन्द्र कुमार ने बताया कि सिहोरा स्थित इस फैक्ट्री के पास न तो फूड लाइसेंस था और न ही पानी की शुद्धता जांचने का कोई प्रमाण। लगभग दो महीने पहले भी इस फैक्ट्री पर कार्रवाई कर इसे बंद कराया गया था। लेकिन, संचालक की दबंगई देखिए कि उसने प्रशासन की सील की परवाह न करते हुए दोबारा उसी गंदे बोरवेल के पानी को पैक करना शुरू कर दिया। जब टीम दोबारा निरीक्षण पर पहुंची, तो वहां धड़ल्ले से पानी भरा जा रहा था। विभाग ने मौके से सैकड़ों पानी के पाउच और अवैध रूप से संचालित मशीनरी को जब्त कर लिया है।
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शादी-ब्याह, सामाजिक कार्यक्रमों और शराब की दुकानों पर इन पानी पाउच की सबसे ज्यादा खपत होती है। लोग इन्हें साफ और सुरक्षित समझकर खरीदते हैं, लेकिन हकीकत में यह धीमा जहर साबित हो सकता है। बिना फिल्टर किए गए बोरवेल के पानी से टाइफाइड, पीलिया और पेट की गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।