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छह साल बाद डिंडौरी की सगी बहनों की पढ़ाई का रास्ता साफ, जबलपुर कलेक्ट्रेट के ई-गवर्नेस का कमाल

करीब तीन घंटे की पड़ताल और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वर्ष 2018 का आधार रिकॉर्ड खोज लिया गया और दोनों बच्चों के आधार कार्ड की प्रतियां परिवार...और पढ़ें

By Atul ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 03 Jul 2026 01:28:38 PM (IST)Updated Date: Fri, 03 Jul 2026 02:11:47 PM (IST)
छह साल बाद डिंडौरी की सगी बहनों की पढ़ाई का रास्ता साफ, जबलपुर कलेक्ट्रेट के ई-गवर्नेस का कमाल
डिंडौरी के ग्राम अमगवां ग्राम पंचायत चांदपुर निवासी पिता अर्जुन सिंह के साथ आधारकार्ड दिखातीं रजनी और पूजा। सौजन्‍य स्‍वयं

HighLights

  1. परिवार के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं
  2. अपनी परेशानी एक ठेकेदार को बताई थी
  3. मजदूर परिवार को आखिरकार राहत मिल गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। छह वर्षों से आधार कार्ड के अभाव में शासकीय योजनाओं और छात्रवृत्ति से वंचित एक मजदूर परिवार को आखिरकार राहत मिल गई।

बच्चों के आधार कार्ड की प्रतियां उपलब्ध करा दीं

जबलपुर कलेक्ट्रेट के ई-गवर्नेंस कार्यालय ने महज तीन घंटे की प्रक्रिया में वर्ष 2018 से लंबित समस्या का समाधान कर बच्चों के आधार कार्ड की प्रतियां उपलब्ध करा दीं।

जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके

जिला डिंडौरी के ग्राम अमगवां (ग्राम पंचायत चांदपुर) निवासी अर्जुन सिंह के बच्चों रजनी और पूजा का आधार कार्ड वर्ष 2018 में बनना था, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सके।

आधार कार्ड नहीं होने से छात्रवृत्ति रुक गई थी

आधार कार्ड नहीं होने के कारण दोनों बच्चों की छात्रवृत्ति रुक गई थी और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। परिवार कई वर्षों तक समाधान की तलाश करता रहा, लेकिन सफलता नहीं मिली।

रोजगार की तलाश में आए थे जबलपुर

रोजगार की तलाश में जबलपुर आए अर्जुन सिंह और उनकी पत्नी ने अपनी परेशानी एक ठेकेदार को बताई। उसकी सलाह पर वे कलेक्ट्रेट स्थित ई-गवर्नेंस कार्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू की।

परिवार के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं

करीब तीन घंटे की पड़ताल और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वर्ष 2018 का आधार रिकॉर्ड खोज लिया गया और दोनों बच्चों के आधार कार्ड की प्रतियां परिवार को सौंप दी गईं। वर्षों से जरूरी दस्तावेज का इंतजार कर रहे परिवार के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं था।

दोनों बच्चों की छात्रवृत्ति मिलने का मार्ग प्रशस्त

आधार कार्ड मिलने के बाद अब दोनों बच्चों की छात्रवृत्ति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। साथ ही वे शिक्षा और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी आसानी से ले सकेंगे। परिवार ने ई-गवर्नेंस कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और संवेदनशीलता से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो पाया।


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