
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीयू) में प्रशासनिक खींचतान के बीच अब सहायक कुलसचिव (स्थापना) हितेश कोडापे का पत्र सामने आया है। उन्होंने स्थापना विभाग के प्रभार से मुक्त किए जाने के लिए कुलसचिव को आवेदन दिया है। पत्र में उन्होंने पदोन्नति और वरिष्ठता सूची जारी करने को लेकर अनावश्यक दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है।
सहायक कुलसचिव ने पत्र में बताया है कि उन्हें 15 जुलाई को स्थापना विभाग का प्रभार सौंपा गया था। इसके बाद से ही कर्मचारियों और अधिकारियों की पदोन्नति तथा वरिष्ठता सूची के प्रकाशन को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण वे मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं और इससे आहत हैं।
हितेश कोडापे ने 6 अगस्त को कुलसचिव को आवेदन देकर स्थापना विभाग का प्रभार किसी अन्य अधिकारी को सौंपने और उन्हें इस दायित्व से मुक्त करने का अनुरोध किया। कुलसचिव ने आवेदन को अग्रिम कार्रवाई के लिए कुलगुरु कार्यालय भेज दिया है। विश्वविद्यालय स्तर पर मामले में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय में पदोन्नति से जुड़ा मामला पहले से ही चर्चा में है। जानकारी के अनुसार राजभवन द्वारा विश्वविद्यालय के 70 पदोन्नति पद निरस्त किए जा चुके हैं।
हालांकि, इन पदों को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से अब तक ऐसा कोई आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन से पद निरस्त किए गए हैं।
इसी तरह इन पदों पर पदोन्नति का लाभ किन कर्मचारियों और अधिकारियों को मिला, इसकी सूची भी अब तक जारी नहीं की गई है।
ऐसे में सहायक कुलसचिव के पत्र के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर सवाल फिर उठने लगे हैं।
विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच प्रशासनिक स्तर पर सामने आया यह मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है।