
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर।जेईई-एडवांस परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। आनलाइन मोड पर शहर के एक केंद्र, ग्लोबल कालेज में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा दो पालियों में सुबह नौ से 12 व दोपहर ढाई से शाम साढ़े पांच तक आयोजित हुई।
पहली पारी समाप्त होने के बाद छात्रों ने पेपर को माडरेट लेकिन काफी लेंदी बताया। खासकर फिजिक्स सेक्शन में न्यूमेरिकल और कैलकुलेशन आधारित प्रश्नों ने छात्रों का अधिक समय लिया। कई छात्रों ने कहा कि टाइम मैनेजमेंट सबसे बड़ी चुनौती रहा। हालांकि अधिकांश परीक्षार्थियो ने पेपर को संतुलित बताया और अच्छे आइआइटी कालेज में चयन की उम्मीद जताई। वहीं कुछ परीक्षार्थियों ने पेपर को माडरेट लेवल का बताया, जबकि कुछ ने इसे लंबा और समय लेने वाला कहा।
पेपर 1 परीक्षा को छात्रों से मध्यम समग्र कठिनाई रेटिंग मिली। पेपर-2 में गणित हमेशा की तरह सबसे चुनौतीपूर्ण और समय लेने वाला रहा। भौतिकी मध्यम से कठिन स्तर की थी, जिसमें रोटेशन और कानिक सेक्शन के सवाल पूछे गए थे।
देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस परीक्षा में परीक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सुबह से ही केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भीड़ रही। अभिभावक भी बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए केंद्रों के बाहर मौजूद रहे।
जेईई एडवांस परीक्षा आनलाइन मोड में आयोजित की गई। केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की जांच की गई। एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का मिलान करने के साथ ही मेटल डिटेक्टर का उपयोग किया गया। परीक्षार्थियों को इलेक्ट्रानिक उपकरण, मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विद्यार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।
पेपर-1 में कुल 48 सवाल पूछे गए, लेकिन पूर्णांक में कोई बदलाव नहीं किया गया। जानकारों की मानें तो सवालों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले कम रही। इनमें सिंगल करेक्ट, मल्टी करेक्ट, न्यूमेरिकल और मैट्रिक कोड्स टाइम के सवाल पूछे गए। पेपर-2 में भी 48 सवाल शामिल थे। पूर्णांक में कोई बदलाव नहीं किया गया। इनमें न्यूमेरिकल टाइप सवाल अधिक पूछेगं। जिसके चलते थोड़ी कठिनाई हुई।
पेपर-2 में भी सिंगल करेक्ट, मल्टी करेक्ट सवाल भी शामिल रहे। परीक्षा पिछले साल की तरह ही पैटर्न पर आधारित थी, जिसमें कुल 48 प्रश्न थे गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान से 16-16। विषय-वार, गणित और भौतिकी को कठिनाई में मध्यम माना गया, जबकि रसायन विज्ञान को अपेक्षाकृत आसान बताया गया। पिछले वर्ष की तुलना में परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया।
दिव्यांश अग्रवाल ने बताया कि पहली पारी का पेपर कुल मिलाकर माडरेट लेवल का रहा. उन्होंने कहा कि फिजिक्स के प्रश्न ठीक थे, लेकिन कई सवाल काफी समय लेने वाले साबित हुए. खासकर न्यूमेरिकल आधारित प्रश्नों में ज्यादा समय लगा, जिससे टाइम मैनेजमेंट चुनौतीपूर्ण हो गया।
आकांक्षा ने बताया कि पेपर माडरेट के साथ-साथ काफी लेंदी भी था। फिजिक्स सेक्शन के प्रश्नों को हल करने में अधिक समय लगा, जिससे अन्य सेक्शन पर दबाव बढ़ गया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनका पेपर अच्छा गया है और उन्हें उम्मीद है कि वे अच्छे आईआईटी कॉलेज में चयन पा सकते हैं।
अनुश्री के अनुसार फिजिक्स का भाग ठीक रहा, लेकिन कुछ प्रश्नों में काफी कैलकुलेशन करना पड़ा। पेपर का स्तर माडरेट था और उन्होंने तैयारी के दौरान लगातार मेहनत की है. वे रोजाना लगभग आठ घंटे तक पढ़ाई करते थे, जिसका उन्हें परीक्षा में फायदा मिला।
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