बरगी बांध क्रूज हादसे को लेकर MP हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर, मध्य प्रदेश में क्रूज-बोट सेवाएं रोकने की मांग
मौसम विभाग ने एक दिन पूर्व ही तेज हवाओं और खराब मौसम का अलर्ट जारी कर दिया था। इसके बावजूद क्रूज संचालन नहीं रोका गया। यात्रियों को यात्रा प्रारंभ होन ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 07 May 2026 08:41:30 PM (IST)Updated Date: Thu, 07 May 2026 08:45:14 PM (IST)
बरगी बांध में क्रूज हादसे का फाइल फोटो।HighLights
- याचिकाकर्ता का आरोप है कि क्रूज तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच पलट गया।
- 13 सवारों की मौत हो गई। कई घायल। क्षमता से अधिक यात्री सवार किए गए थे।
- क्रूज में 43 से 47 यात्री बैठाए गए जबकि टिकट महज 29 का जारी किया गया था।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट में बरगी बांध क्रूज हादसा प्रकरण को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है। जिसके जरिए मध्य प्रदेश में क्रूज-बोट सेवाएं रोकने की मांग की गई है। जनहित याचिका पर आगामी सप्ताह सुनवाई संभावित है। जनहित याचिका में राज्य शासन, एमपी टूरिज्म बोर्ड, आईडब्ल्यूआई, कलेक्टर जबलपुर और पुलिस अधीक्षक सहित आठ पक्षकार बनाए गए हैं।
जनहित याचिकाकर्ता राजधानी भोपाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमल कुमार राठी ने बरगी बांध क्रूज हादसे को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही निरूपित किया है। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई पर बल दिया है। राज्य के समस्त वाटर स्पोर्टस और क्रूज संचालन का सेफ्टी आडिट कराने और जांच पूर्ण होने तक सभी क्रूज-बोट सेवाएं बंद करने की आवश्यकता रेखांकित की है।
फिट था क्रूज, लेकिन बवंडर के आगे सिस्टम हुआ फेल, जबलपुर डैम हादसे की जांच में बड़ा खुलासा
जनहित याचिकाकर्ता का आरोप है कि नर्मदा क्रूज तेज आंधी और ऊंची लहरों के बीच पलट गया। इस हादसे में 13 सवारों की मौत हो गई। कई घायल हुए। क्रूज में क्षमता से अधिक यात्री सवार किए गए थे। क्रूज में 43 से 47 यात्री बैठाए गए जबकि टिकट महज 29 का जारी किया गया था।
मौसम विभाग ने एक दिन पूर्व ही तेज हवाओं और खराब मौसम का अलर्ट जारी कर दिया था। इसके बावजूद क्रूज संचालन नहीं रोका गया। यात्रियों को यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व लाइफ जैकेट मुहैया नहीं कराए गए। जब पानी क्रूज में समाने लगा तब लाइफ जैकेट पहनाने की सुध आई।
जनहित याचिका में यह तथ्य भी रेखांकित किया गया है कि बरगी बांध वेटलैंड क्षेत्र अंतर्गत आता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण, एनजीटी ने 2023 में ऐसे क्षेत्रों में मोटर चलित क्रूज संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बावजूद संचालन रोकने की दिशा में गंभीरता नदारद रही।