
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कुलगुरु कार्यालय में करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए लॉ विभाग की जर्जर इमारत, दो वर्षों से लंबित छात्रवृत्ति, बढ़ी हुई फीस, परीक्षा परिणाम में देरी और एनसीसी इकाई के निलंबन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु से कहा कि वे स्वयं लॉ विभाग का निरीक्षण करें। उनका कहना था कि विभाग की छत जर्जर हो चुकी है, प्लास्टर लगातार गिर रहा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। कक्षाओं में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को वेटिंग रूम में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
प्रांत मंत्री सुव्रत बांझल ने आरोप लगाया कि एक ओर सुविधाएं नहीं बढ़ाई जा रहीं, दूसरी ओर विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में लगातार वृद्धि की जा रही है। विश्वविद्यालय के कई विभाग आज भी आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लास, डिजिटल संसाधनों और शोध सुविधाओं से वंचित हैं।
महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा कि विश्वविद्यालय की एनसीसी इकाई बंद होने से विद्यार्थी नेतृत्व विकास, अनुशासन और रक्षा सेवाओं से जुड़ने के अवसरों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध समाधान किया जाए।
एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि सात सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में ऐश्वर्या सोनकर, अनमोल सोनकर, शोभित मिश्रा, लखन मांझी, प्रफुल तिवारी, आशुतोष पटेल, सत्यम पटेल, तनिष्क पांडेय, आयुष बारी, आस्था खड़े, नैना सिंह, रुचि सोंधिया सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
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