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पंकज तिवारी, नईदुनिया जबलपुर। शासकीय संभागीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रतिभाशाली प्रशिक्षार्थी श्रीयांश शर्मा साधारण परिवार से आते हैं। श्रीयांश आज वाहन उद्योग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुके हैं और अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं।
सत्र 2020-21 में मैकेनिक ट्रैक्टर व्यवसाय से 85 प्रतिशत अंकों के साथ प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले श्रीयांश के पिता सच्चिदानंद शर्मा निजी विद्युत ठेकेदार हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।
परिवार की सामान्य आर्थिक स्थिति के बावजूद श्रीयांश ने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और निरंतर मेहनत करते रहे। उनके भीतर कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की ललक शुरू से ही दिखाई देती थी।
प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रशिक्षण अधिकारी अजीत कुमार वर्मा का सशक्त मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके निर्देशन में श्रीयांश ने न केवल तकनीकी ज्ञान अर्जित किया, बल्कि कार्य के प्रति अनुशासन, समय की महत्ता और जिम्मेदारी निभाने का भाव भी सीखा।
यही कारण रहा कि उन्होंने हर कार्य को गंभीरता से लेते हुए अपने कौशल को निरंतर निखारा। उनकी मेहनत का परिणाम तब सामने आया जब उन्होंने भारत कौशल प्रतियोगिता 2025-26 में जिला एवं प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए क्षेत्रीय स्तर के लिए चयन प्राप्त किया।
व्यक्तिगत कारणों से वे क्षेत्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सके, लेकिन इस स्तर तक पहुंचना ही उनकी प्रतिभा और दक्षता का प्रमाण है। यह उपलब्धि किसी भी प्रशिक्षार्थी के लिए गर्व का विषय होती है।
वर्तमान में श्रीयांश शर्मा जबलपुर स्थित रेनॉल्ट खटवानी मोटर्स में सह-तकनीशियन एवं वारंटी प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे अपने तकनीकी ज्ञान और अनुभव का उपयोग करते हुए वाहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनकी कार्यशैली और लगन उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
प्रशिक्षण अधिकारी अजीत कुमार वर्मा ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से निकले युवा आज उद्योगों की रीढ़ बनते जा रहे हैं। वहीं संस्थान के प्राचार्य डॉ. अर्पित शुक्ला बताते हैं कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मार्गदर्शन सही मिले और मेहनत सच्ची हो, तो हर युवा अपने हुनर के दम पर सफलता की नई कहानी लिख सकता है।