कटनी के रीठी में जनपद अध्यक्ष चुनाव तक कांग्रेस में थीं श्यामा बाई, जीतते ही हुईं भाजपाई
कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष कांग्रेसी विचारधारा से जुड़ी रही हैं। अंदर जाकर ऐसा क्या हुआ कि बाहर आते ही सत्ता ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 18 Mar 2026 11:44:40 AM (IST)Updated Date: Wed, 18 Mar 2026 11:53:40 AM (IST)
जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ नवनिर्वाचित अध्यक्ष।HighLights
- निर्विरोध चुनी गईं जनपद अध्यक्ष का इंतजार करती रही कांग्रेस, भाजपा ने मनाया जश्न
- कटनी के रीठी जनपद पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने से खाली हुआ था अध्यक्ष पद
- कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करना भाजपा की फितरत रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। जनपद पंचायत रीठी में मंगलवार को अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद खाली हुए इस पद के लिए कांग्रेस समर्थित क्षेत्र क्रमांक-छह से जनपद सदस्य श्यामा बाई ठाकुर नामांकन किया। चुनाव से पहले वे कांग्रेस के साथ थीं। अंदरखाने भाजपा ने समर्थन किया और निर्विरोध चुनाव जीत गईं। बाहर निकलीं तो अपने आपको को भाजपा खेमे का बताया।
इस घटनाक्रम से कांग्रेस नेता हतप्रभ रह गए और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मौके से चले गए। वहीं जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। दरअसल रीठी जनपद पंचायत में चुनाव के दौरान वार्ड-तीन से निर्वाचित अर्पित अनुरोध अवस्थी अध्यक्ष चुने गए थे, लेकिन उनकी कार्यशैली से नाराज सदस्यों ने छह माह पूर्व उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा और एकतरफा विरोध में मतदान किया। इसके बाद उन्हें अध्यक्ष पद से हटाते हुए उपाध्यक्ष प्रकाश साहू को प्रभारी अध्यक्ष बनाया गया था।
कांग्रेस ने कहा-सत्ता का दुरुपयोग हुआ
श्यामा बाई ठाकुर ने सुबह करीब 11 बजे नामांकन दाखिल किया। 15 सदस्यीय जनपद पंचायत में से 11 सदस्य उपस्थित रहे, किसी ने उनके खिलाफ फार्म नहीं भरा। लिहाजा श्यामा बाई को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष कांग्रेसी विचारधारा से जुड़ी रही हैं। अंदर जाकर ऐसा क्या हुआ कि बाहर आते ही सत्ता पक्ष का हिस्सा बन गईं। उन्होंने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग करना भाजपा की फितरत रही है।
इंदौर हादसे में किशनगंज, बिहार के तीन और कोटा, राजस्थान के रहने तीन लोगों की भी मौत हो गई है। मनोज पुगलिया के साले विजय सेठिया जो बिहार के किशनगंज के रहने वाले हैं वे इंदौर आए हुए थे। उनके साथ पत्नी सुमन और बेटा छोटू सेठिया भी आया था। वहीं विजय सेठिया की बेटी टीनू और उसके दो बच्चे तनय और राशि कोटा राजस्थान से आए थे। ये सभी हादसे का शिकार हो गए हैं।