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खंडवा जिले में मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए हाईरिस्क गर्भवतियों की ‘अनमोल’ निगरानी, 15 दिन में 479 प्रसव संभावित

मातृ मृत्यु दर को कम करने और हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। जि...और पढ़ें

By Ashwin RathoreEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 25 Aug 2026 04:15:17 PM (IST)Updated Date: Tue, 25 Aug 2026 04:38:36 PM (IST)
खंडवा जिले में मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए हाईरिस्क गर्भवतियों की ‘अनमोल’ निगरानी, 15 दिन में 479 प्रसव संभावित
मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए हाईरिस्क गर्भवतियों की ‘अनमोल’ निगरानी। (एआई इमेज)

HighLights

  1. 9249 गर्भवतियों का पंजीयन, 2722 हाईरिस्क, 15 दिन में 479 के प्रसव संभावित
  2. प्रसव तिथि नजदीक आते ही संपर्क, समय से पहले अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी
  3. गर्भवती महिलाओं की जानकारी अनमोल ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जा रही हैं

अश्विन राठौर, नईदुनिया, खंडवा। मातृ मृत्यु दर को कम करने और हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है।

जिले में गर्भवती महिलाओं की जानकारी अनमोल एएनएम ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। इसी पोर्टल के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि का आकलन कर समय रहते उनकी ट्रैकिंग की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले में 24 अगस्त तक 9249 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन हुआ है। इनमें 2722 महिलाएं हाईरिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में हैं, जो कुल पंजीकृत गर्भवतियों का करीब 29 प्रतिशत है।हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं में ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जिनमें एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर सहित प्रसव के दौरान जटिलता की आशंका अधिक रहती है।

ऐसी महिलाओं को सामान्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में अधिक निगरानी और समय पर चिकित्सकीय प्रबंधन की आवश्यकता होती है। विभाग द्वारा इन महिलाओं से नियमित संपर्क कर उन्हें प्रसव के लिए समय पर स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।


15 दिन में 479 महिलाओं का संभावित प्रसव

अनमोल पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार जिले में 479 हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि अगले 15 दिनों में है। इनमें खालवा और पंधाना ब्लॉक में सबसे अधिक 110-110 महिलाएं हैं। खंडवा ब्लॉक में 90, पुनासा में 78, छनेरा-मक्खन में 42, हरसूद में 36 तथा बलड़ी में 13 महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि अगले 15 दिनों में है।इन महिलाओं की विशेष निगरानी कर समय पर अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी की जा रही है।

मध्यम एनीमिया के 2157 मामले

जिले में 2312 गर्भवतियों को मध्यम एनीमिया के संभावित मामलों के रूप में चिन्हित करने का लक्ष्य था।इसके विरुद्ध 2157 महिलाओं में मध्यम एनीमिया की पहचान हुई। इनमें से 1338 महिलाओं को इंजेक्शन आयरन सुक्रोज/ एफसीएम के माध्यम से प्रबंधन दिया गया, जबकि 830 को आयरन-फोलिक एसिड दिया गया। 1116 महिलाओं को तीन या उससे अधिक आयरन सुक्रोज इंजेक्शन तथा 286 महिलाओं को एफसीएम दिया गया। मध्यम एनीमिया प्रबंधन की जिले की उपलब्धि 93 प्रतिशत दर्ज की गई है।

गंभीर एनीमिया में 85 प्रतिशत का प्रबंधन

गंभीर एनीमिया के 147 मामले सामने आए, जिनमें 125 महिलाओं का उपचार एवं प्रबंधन किया गया। गंभीर एनीमिया प्रबंधन की उपलब्धि 85 प्रतिशत रही। इसी तरह गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर (PIH) के 238 मामले चिन्हित हुए, जिनमें 219 महिलाओं का प्रबंधन किया गया। जिले में PIH प्रबंधन की उपलब्धि 92 प्रतिशत रही।

एलएमपी से निकलती है प्रसव की संभावित तारीख

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अनमोल पोर्टल पर गर्भवती महिला की अंतिम माहवारी की तारीख (LMP) दर्ज की जाती है। इसी आधार पर पोर्टल संभावित प्रसव तिथि (EDD) की गणना करता है। इससे स्वास्थ्य अमले को पहले से जानकारी मिल जाती है कि महिला का प्रसव कब संभावित है।

सुमन हेल्प डेस्क के माध्यम से मोबाइल पर संपर्क कर महिला को संभावित प्रसव तिथि की जानकारी दी जाती है। प्रसव की तिथि नजदीक आने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचने और आवश्यकता होने पर भर्ती होने के लिए समझाइश दी जाती है। इससे जटिल प्रसव के मामलों में समय पर उपचार उपलब्ध कराने और मां-बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

अनमोल एप से ट्रैक कर रहे

मातृ मृत्यु दर को कम करने और हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। अनमोल ट्रैक से सभी जानकारी ट्रैक कर सुरक्षित प्रसव के प्रयास किए जा रहे हैं। -डॉ. गीते, प्रभारी, अनमोल ट्रैकिंग एप

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