खंडवा में साढ़े 10 घंटे तक चला मौत से मुकाबला, हांडीकुंडी टापू पर फंसे चार युवकों को SDERF ने सकुशल बचाया
खंडवा के हांडीकुंड टापू पर फंसे चार युवकों को एसडीईआरएफ ने साढ़े 10 घंटे के चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद सुरक्षित बचाया। ड्रोन, मोटरबोट और रस्सियों का उप...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 31 Jul 2026 08:43:10 AM (IST)Updated Date: Fri, 31 Jul 2026 08:43:10 AM (IST)
खंडवा में साढ़े 10 घंटे तक चला मौत से मुकाबला। (नईदुनिया)HighLights
- हांडीकुंड टापू पर चार युवक तेज बहाव में फंस गए थे।
- एसडीईआरएफ ने साढ़े 10 घंटे चलाया चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक।
- ड्रोन से लाइफ जैकेट, भोजन और पेयजल पहुंचाया गया समय पर।
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। मध्यप्रदेश राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल "एसडीईआरएफ" ने एक बार फिर साहस का परिचय देकर चार जिंदगियों को बचा लिया। मामला खंडवा जिले के थाना जावर क्षेत्र के हांडीकुंड में सुक्ता और आबना नदी के बीच हन्दीकुंडी स्थित टापू का है, जहां चार युवक फंस गए थे। लगभग साढ़े 10 घंटे तक चले बेहद खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शुक्रवार तड़के 4:45 बजे सभी को सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
तेज जलधारा होने से मोटरबोट भी आगे नहीं पहुंच सकी
- डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा ने बताया कि गुरुवार सायंकाल लगभग छह बजे पुलिस कंट्रोल रूम एवं थाना जावर से सूचना प्राप्त हुई कि अचानक जलस्तर बढ़ जाने से चार युवक नदी के मध्य स्थित एक टापू पर फंस गए हैं। चारों ओर से तेज जलधारा होने के कारण उनका बाहर निकलना असंभव हो गया था।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ खंडवा की टीम तथा कंपनी कमांडर श्री रविंद्र महिवाल तत्काल घटनास्थल पहुंचे और बचाव अभियान प्रारंभ किया। प्रारंभिक प्रयास में सुरक्षा रस्सियों के सहारे मोटरबोट को टापू तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, किंतु अत्यधिक जलप्रवाह एवं नदी के तीव्र बहाव के कारण नाव को आगे बढ़ाना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गया। ड्रोन की मदद से पहुंचाई लाइफ जैकेट
इस दौरान प्रशासन एवं एसडीईआरएफ द्वारा ड्रोन की सहायता से चारों युवकों तक लाइफ जैकेट पहुंचाई गई, जिन्हें उन्होंने पहन लिया। उनसे मोबाइल पर भी लगातार संपर्क रखा गया। इसके पश्चात भोजन एवं पेयजल के पैकेट भी ड्रोन के माध्यम से उपलब्ध कराए गए। पूरी रात युवकों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए उनका मनोबल बढ़ाया गया तथा उन्हें सुरक्षित रहने के लिए आश्वस्त किया जाता रहा।
मौके पर पहुंचे सभी प्रशासनिक अधिकारी
- घटनास्थल पर प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन गौड़ा, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तरणेकर एसडीईआरएफ इंदौर टीम प्रभारी कंपनी कमांडर रोहन रायकवार, एसडीईआरएफ खंडवा के कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल, पुलिस, होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के अधिकारी एवं स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पूरी रात मौके पर डटे रहे।
- प्रशासन द्वारा सुकता बांध से अतिरिक्त पानी नहीं छोड़े जाने के संबंध में भी आवश्यक समन्वय किया गया। बैकअप के रूप में एनडीआरएफ उज्जैन की टीम को भी रवाना कर दिया गया था।
सुबह 4:45 पर सफल हुआ रेस्क्यू
- जलस्तर में आंशिक कमी आने पर एसडीईआरएफ खंडवा एवं एसडीईआरएफ इंदौर की संयुक्त टीम ने अंतिम एवं निर्णायक अभियान प्रारंभ किया। सुरक्षा रस्सियों से नियंत्रित मोटरबोट को प्रचंड जलधारा के बीच आगे बढ़ाते हुए रेस्क्यू दल टापू तक पहुंचा और अत्यंत साहस एवं तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए चारों युवकों को सुबह 4:45 बजे सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
- रेस्क्यू अभियान की सफलता पर उपस्थित ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों ने एसडीईआरएफ जवानों के साहस, धैर्य एवं सेवा-भाव की मुक्तकंठ से सराहना की और इसे लगभग असंभव प्रतीत होने वाले अभियान को सफल बनाने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
सुरक्षित रेस्क्यू किए गए युवक हैं
* हुजेफा हामिद (40 वर्ष)
* मयंक उर्फ गोपाल (16 वर्ष)
* अली अजगर,पुत्र मुस्तफा
* आयुष, पुत्र सुनील (18 वर्ष) सभी निवासी जिला खंडवा हैं।