
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंडला। जिले में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाहों ने ग्रामीण इलाकों में भय और असमंजस का माहौल बना दिया है। इसी अफवाह के चलते बिछिया थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा में 26 फरवरी को एक 17 वर्षीय युवक को बच्चा चोर समझकर ग्रामीणों ने बेरहमी से पीट दिया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस के द्वारा उसे बिछिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से वह भाग गया और फिर सड़क हादसे में मौत हो गई। मॉब लिंचिंग जैसी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर होने के बाद पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की है।
26 फरवरी को ग्राम बरखेड़ा में एक अज्ञात युवक को संदिग्ध समझकर कुछ लोगों ने पकड़ लिया और बच्चा चोरी के शक में उसकी डंडों से पिटाई कर दी। बहु प्रसारित वीडियो में युवक के हाथ-पैर बांधकर मारपीट करते हुए, बाल पकड़कर पटकते हुए तथा नाम पूछते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। युवक मारपीट के दौरान दर्द से कराहता नजर आ रहा है। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और युवक को उपचार के लिए बिछिया अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने बताया कि 26 फरवरी की दोपहर में युवक बिना किसी को बताए अस्पताल से चला गया। इसके बाद उसे बिछिया में अकेले घूमते हुए देखा गया। 27 फरवरी की सुबह बिछिया कस्बे के बाहर एक सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि अस्पताल से निकलने के बाद किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मृत्यु हुई। अज्ञात वाहन के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उसकी पहचान के लिए वैधानिक प्रक्रिया जारी है।
युवक की पहचान प्रारंभ में नहीं हो सकी थी। पहचान सुनिश्चित करने के प्रयासों के दौरान 2 मार्च की रात ग्राम कुकरापानी, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से आए स्वजनों ने मृतक की पहचान अपने पुत्र अमरलाल (17) के रूप में की। स्वजनों ने पुलिस को बताया कि अमरलाल मानसिक रूप से दिव्यांग था और घर से गुमशुदा हो गया था।
2 मार्च को मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि युवक को अस्पताल में पर्याप्त निगरानी में रखा जाता तो संभवतः वह बाहर नहीं जाता और उसकी जान बच सकती थी।
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पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने कहा कि बच्चा चोरी की अफवाह की जानकारी मिल रही है, लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। भीड़ के द्वारा हमला करने पर नए कानून के अनुसार सभी पर केश दर्ज होता है। इस बात की जानकारी माइक्रो बीट स्तर पर दी जा रही है। यह संगीन अपराध है।
इसलिए लोग अफवाह को पहले जांचे परखें, यदि उन्हें लगता है की उस व्यक्ति के द्वारा कोई घटना संभावित है, तो उसकी सूचना स्थानीय पुलिस को या डायल 112 को दें। किसी भी स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें, वरना उनके उर भी कार्रवाई की जाएगी।