MP के मंडला में बीजेपी नेता सहित 6 लोगों के हत्यारे को फांसी की सजा
दो आरोपितों ने मिलकर धारदार हथियारों से हमला कर भाजपा नेता राजेंद्र सोनी सहित 6 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस वीभत्स हत्याकांड से पूरा जिला हिल ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 26 Feb 2026 06:14:39 PM (IST)Updated Date: Thu, 26 Feb 2026 06:20:03 PM (IST)
फोटो–फांसी की सजा मिलने के बाद दोषी को जेल लेकर जाते हुए पुलिस कर्मी।HighLights
- सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा था।
- यहां पर आरोपितों ने पुलिस पर भी हमला किया।
- एक आरोपी संतोष सोनी मौके पर ढेर हो गया था।
नईदुनिया न्यूज,मंडला,निवास। अपर सत्र न्यायालय निवास ने बहुचर्चित मनेरी हत्याकांड में छह लोगों की हत्या के आरोपित हरी उर्फ हरीश सोनी को विरल से विरलतम श्रेणी का अपराध मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
यह निर्णय गुरुवार को न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिन्हा द्वारा सुनाया गया,मामला थाना बीजाडांडी अंतर्गत मनेरी गांव का है,जिसमें दो आरोपितों ने मिलकर धारदार हथियारों से हमला कर भाजपा नेता राजेंद्र सोनी सहित 6 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस वीभत्स हत्याकांड से पूरा जिला हिल गया था।
अभियोजन के अनुसार 15 जुलाई 2020 को ग्राम मनेरी में पारिवारिक रंजिश के चलते हरी उर्फ हरीश सोनी और उसके भाई संतोष सोनी ने तलवार एवं कुल्हाड़ी से हमला कर राजेन्द्र (रज्जन) सोनी, उनकी पुत्री रानू, विनोद सोनी तथा विनोद के दो मासूम बच्चों ओम (8 वर्ष) और श्रीयांस (6 वर्ष) सहित दिनेश सोनी की हत्या कर दी थी। घटना में नितिन सोनी, प्रमोद सोनी, रिकी सोनी, सानू तिवारी एवं सुनील तिवारी घायल हुए थे।
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। आरोपितों ने पुलिस पर भी हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में एक आरोपित संतोष सोनी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि हरी उर्फ हरीश सोनी को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। प्रकरण को सनसनीखेज श्रेणी में चिन्हित कर विवेचना उपरांत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
यह सुनाई गई सजा
विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं अभियोजन पक्ष के तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपित को धारा 302 भादंवि के तहत मृत्युदंड एवं छह काउंट में कुल 3000 रुपये अर्थदंड, धारा 307 भादंवि के पांच काउंट में क्रमिक आजीवन कारावास एवं 2500 रुपये अर्थदंड, धारा 449 भादंवि में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 25(1-बी) आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। कुल अर्थदंड 7000 रुपये निर्धारित किया गया।
प्रकरण में अभियोजन का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी उज्ज्वला उईके द्वारा किया गया। विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी सुदर्शन टोप्पो एवं मर्ग जांच चौकी प्रभारी एसएस उसराठे ने की। विचारण के दौरान साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने में उप निरीक्षक पंकज विश्वकर्मा, उप निरीक्षक शशांक शुक्ला, आरक्षक रोशनलाल सिंगरौरे तथा सहायक ग्रेड-3 नंद किशोर साहू का सहयोग रहा।