
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू (इंदौर)। महू की बंडा बस्ती में जमीन विवाद के चलते सात वर्ष पूर्व 2019 में अंजाम दिए गए दोहरे हत्याकांड में सत्र न्यायालय ने मंगलवार को 18 आरोपितों को दोषी करार देकर दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनमें दो महिलाएं भी हैं।
महू न्यायालय के पंचम अपर सत्र न्यायाधीश भरत कुमार व्यास ने इस सजा के साथ दोषियों पर 1.24 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला बड़गोंदा थाना में पंजीकृत था।
सभी दोषी व मृतक एक ही कुटुंब के हैं। उनके बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसमें मोहम्मद यूसुफ और मोहम्मद शरीफ की धारदार हथियार से हमला करके हत्या की गई थी।
जमीन विवाद का प्रकरण अब सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। अभियोजन के अनुसार 18 जनवरी 2019 को सुबह करीब 6.30 बजे दूध का व्यवसाय करने वाले युसूफ और शरीफ मोटरसाइकिल से दूध बेचने जा रहे थे।
जोहरा बी की दुकान के सामने दोषी नूरजहां ने स्टील के जग से पिसी लाल मिर्च दोनों पर फेंक दी और आवाज लगाई कि 'आ जाओ, दोनों जिंदा नहीं बचना चाहिए।'
सहायक निदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मोहम्मद शाहिद, मंजूर, बाशिद, जैद, सद्दाम, जाकिर, अबरार, साबिर, इरफान, सूफियान, शाकिर, वसीम, शोएब उर्फ कल्ला, शोहेब, तनवीर, नूरजहां, नईम बी तथा हमूद को सजा सुनाई गई है।
एक आरोपित अभी फरार है। निर्णय में न्यायालय ने कहा कि जिस प्रकार सभी आरोपितों ने एक साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से दो लोगों की हत्या की, उसे देखते हुए यह जघन्य अपराध है। ऐसे मामले में परिवीक्षा का लाभ दिया जाना उचित नहीं है।