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महू में गोदाम से बड़ी मात्रा में विस्फोटक चोरी, खिड़की से घुसे थे बदमाश, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

बड़गोंदा थाना क्षेत्र के सीतापाट में गोदाम से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी होने के संवेदनशील मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जिस गोदाम ...और पढ़ें

By Harshal GehlotEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Wed, 09 Sep 2026 06:18:47 PM (IST)Updated Date: Wed, 09 Sep 2026 06:18:47 PM (IST)
महू में गोदाम से बड़ी मात्रा में विस्फोटक चोरी, खिड़की से घुसे थे बदमाश, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
सीतापाट गांव में बना हुआ है गोदाम। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. डेढ़ किमी अंदर जंगल के बीच बने गोदाम से विस्फोटक चोरी
  2. सीतापाट में 7 सितंबर को ही आई थी सामग्री
  3. गोदाम के आसपास कोई आबादी या अन्य निर्माण नहीं है

नईदुनिया प्रतिनिधि, महू । बड़गोंदा थाना क्षेत्र के सीतापाट में गोदाम से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी होने के संवेदनशील मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जिस गोदाम से विस्फोटक चोरी हुआ है, वह सीतापाट के मुख्य मार्ग से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर सर्वे नंबर 212/01 और 214/01 में बना हुआ है।

गोदाम के आसपास कोई आबादी या अन्य निर्माण नहीं है। यहां चारों तरफ जंगल और झाड़ियां हैं। विस्फोटक सामग्री रखे होने के कारण गोदाम और मैगजीन में विद्युत सप्लाई भी नहीं रहती है।

प्रशासन को जानकारी देने के पूर्व ही हुई चोरी

पुलिस के अनुसार बदमाश गोदाम की खिड़की से अंदर दाखिल हुए और मैगजीन में रखी विस्फोटक सामग्री चोरी कर ले गए। खास बात यह है कि चोरी हुई सामग्री 7 सितंबर को ही गोदाम में लाई गई थी। इसकी जानकारी अगले दिन संबंधित प्रशासन को दी जानी थी, लेकिन उससे पहले ही रात में बदमाशों ने गोदाम को निशाना बना लिया। चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू की गई।


सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गोदाम तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले और बाद में किन लोगों और वाहनों की आवाजाही हुई। इसके साथ ही गोदाम के कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है।

पुलिस गोदाम में रखी सामग्री, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और चोरी के दौरान मौजूद परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। एडिशनल एसपी राज कृष्णा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने गोदाम तक पहुंचने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं और कर्मचारियों से पूछताछ की है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

लाइसेंस के आधार पर होता है विस्फोटक का भंडारण

चोरी हुई विस्फोटक सामग्री का उपयोग खदानों में चट्टानों को तोड़ने और विस्फोट करने के लिए किया जाता है। इसके क्रय, परिवहन, भंडारण और उपयोग के लिए निर्धारित नियम हैं। विस्फोटक सामग्री को बिना अनुमति या लाइसेंस के खरीदा और स्टाक नहीं किया जा सकता।

संबंधित कंपनी या लाइसेंसधारी को खरीदी गई सामग्री, उसके उपयोग, किस स्थान पर कितनी मात्रा में उपयोग हुई और कितनी सामग्री शेष है, इसका रिकार्ड रखना होता है। समय-समय पर इसका आडिट भी होता है। विस्फोटक सामग्री के स्टाक और उपयोग की जानकारी प्रशासन एवं खनिज विभाग को देना भी आवश्यक होता है। इसकी निगरानी कलेक्टर और प्रशासन के स्तर से की जाती है।

ऐसे में सीतापाट के सुनसान क्षेत्र में बने गोदाम से इतनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री चोरी होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब चोरी गई सामग्री के साथ आरोपितों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।

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