
नईदुनिया प्रतिनिधि,मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना और राजस्थान के धौलपुर रेलवे स्टेशनों के बीच हेतमपुर के पास ट्रेन में आग लगने की अफवाह के बाद चेन पुलिंग कर ट्रेन से कूदे चार लोगों की मौत हो गई। ट्रेन से उतरने के बाद ये लोग दूसरी पटरी पर आ रही ट्रेन की चपेट में आ गए थे। मृतकों में तीन आगरा और एक बीकानेर निवासी शामिल हैं।
आग लगने की अफवाह फैल गई
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर खजुराहो से उदयपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में एक यात्री के मोबाइल से आवाज आने पर शॉर्ट सर्किट और आग लगने की अफवाह फैल गई। करीब 120 यात्रियों से भरे डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच किसी ने चेन खींचकर ट्रेन रोक दी।
तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत
ट्रेन रुकते ही कई यात्री नीचे उतर गए और दूसरी पटरी पर जाकर खड़े हो गए। इसी दौरान वहां से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां अंधा मोड़ होने के कारण यात्रियों को दूसरी ट्रेन दिखाई नहीं दी।
मृतकों की पहचान
मृतकों में आफरीन (35) पत्नी नदीम खान निवासी सुल्तानगंज की पुलिया, आगरा (उत्तर प्रदेश), उनका चार वर्षीय बेटा असद खान, शकुंतला (60) पत्नी भूरी सिंह परमार निवासी कचहरा थोक, रुनकता, आगरा तथा विरमा देवी (60) पत्नी गिरधारी गिरी निवासी गेसोरा, थाना महाजन, जिला बीकानेर (राजस्थान) शामिल हैं।
आंखों के सामने कट गई पत्नी और बेटा
हादसे में पत्नी और बेटे को खोने वाले आगरा निवासी नदीम ने बताया कि वह हरपालपुर में नौकरी करता है और परिवार के साथ घर लौट रहा था। मोबाइल में शॉर्ट सर्किट और आग लगने की अफवाह फैलते ही डिब्बे में भगदड़ मच गई। चेन पुलिंग के बाद वह परिवार के साथ नीचे उतर गया। पत्नी और छोटे बेटे को नीचे उतारने के बाद वह बड़े बेटे रिजवान को उतारने के लिए दोबारा बोगी में चढ़ा ही था कि उसकी आंखों के सामने पत्नी और बेटा दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए।
मृतका शकुंतला के भतीजे हंसराज ने बताया कि वह मौसी के साथ बागेश्वर धाम से लौट रहा था। ट्रेन से उतरने के बाद वह बैग रखने के लिए साइड के पत्थर तक गया था, इसी दौरान मौसी हादसे का शिकार हो गईं।
ड्रोन से तलाशने पड़े शवों के टुकड़े
घटना की जानकारी मिलते ही आगरा, ग्वालियर और झांसी से रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। हादसा इतना भीषण था कि शवों के टुकड़े काफी दूर तक बिखर गए। ड्रोन की मदद से दूर-दूर तक तलाश कर उन्हें एकत्र करना पड़ा।
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