पिता की मेहनत जलाई, फिर खुद को दी मौत की सजा, मुरैना के युवक की हत्या से आत्महत्या तक की खौफनाक कहानी
मध्य प्रदेश के मुरैना के पहाड़गढ़ इलाके में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। युवक ने 30 मार्च को अपने दो बीघा ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 02 Apr 2026 09:19:40 AM (IST)Updated Date: Thu, 02 Apr 2026 09:28:01 AM (IST)
एक दिन पहले दो बीघा गेहूं में आग लगा दी, दूसरे दिन फांसी पर झूला युवक (AI से जनरेट इमेज)HighLights
- एक दिन पहले दो बीघा गेहूं में आग लगा दी, दूसरे दिन फांसी पर झूला युवक
- दो साल पहले पत्नी की हत्या के जुर्म में सजा काटकर आया था ज्ञान सिंह
- बताया जाता है कि ज्ञान सिंह अपने पिता का इकलौता पुत्र था
नईदुनिया प्रतिनिधि, पहाड़गढ़। देवरी गांव में रहने वाले युवक ज्ञान सिंह कुशवाह ने 30-31 मार्च की दरमियानी रात घर से दो किमी दूर हार में एक पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। मंगलवार की सुबह गांव के लोगों ने युवक को फंदे पर झूलते देखा तब परिवार के लोगों को इसकी सूचना दी। पहाड़गढ़ पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम कराकर आत्महत्या से जुड़े कारणों की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, देवरी गांव में रहने वाला ज्ञान सिंह कुशवाह 30 साल तीन दिन से घर नहीं आ रहा था। उसके बारे में सूचना मिल रही थी कि वह मदिरापान कर घूम रहा है। 30 मार्च को ज्ञान सिंह ने अपने पिता लक्ष्मण सिंह कुशवाह के दो बीघा के खेत में उगाए गेहूं में आग लगा दी, जिससे पूरा गेहूं जलकर खाक हो गया। उसी रात युवक ने घर से दो किमी दूर हार स्थित एक पेड़ पर फंदा बनाया और फांसी पर झूल गया।
बताया जाता है कि ज्ञान सिंह अपने पिता का इकलौता पुत्र था। 12 साल पहले उसकी शादी कैलारस निवासी महिला से हुई थी। लेकिन पत्नी से भी ज्ञानसिंह का मेल-मिलाप कम रह पाया। एक दिन पत्नी बस में सवार होकर देवरी गांव से कैलारस जा रही थी तभी दोनों के बीच किसी बात पर कहा-सुनी हुई तो पत्नी ने ज्ञानसिंह में चप्पल मार दी।
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इससे क्रोधित ज्ञान सिंह ने पत्नी को बस से उतारा और उसे घसीटता हुआ जंगल में ले गया। वहां पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के जुर्म में ज्ञान सिंह 10 साल की सजा काटकर दो साल पहले जेल से छूटकर गांव आया था। तब से गांव में आवारा की तरह घूमने के कारण उसका पिता लक्ष्मण सिंह भी बेटे से परेशान था।