
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी थाना क्षेत्र अंतर्गत चौधरी पेट्रोल पंप के पास गुरुवार तड़के नेपाल से बेंगलुरु जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय बस में 80 से अधिक यात्री सवार थे।
दुर्घटना में एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही मुंगवानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

यात्री बस क्रमांक एमपी 13 जेडके 0793 नेपाल से यात्रियों को लेकर बेंगलुरु जा रही थी। सुबह करीब 4 बजे जब बस मुंगवानी के चौधरी पेट्रोल पंप के पास पहुंची, तभी अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और बस सड़क किनारे पलट गई।

हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस चालक राहुल किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चला रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस यात्रियों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

इस घटना में सिंग बहादुर शाही(30) निवासी राकम नेपाल, रविंद्र नाथ नरू (20) निवासी बर्दिया नेपाल, लाल बहादुर भुगटी (72) निवासी कोलपु नेपाल, सारादा शाही (25) राकम नेपाल, संगीता तारमी (20) निवासी सूरखेत नेपाल, सुजन नेपाली(16) निवासी तुलसीपुर नेपाल, दीपेंद्र बहादुर बड़आल (37) निवासी अच्छम नेपाल, उर्मिला फरसाल (21) निवासी राजपुर नेपाल, सुदीप सिंह(20) निवासी कनाड़ी प्रदेश नेपाल और राहुल सिंह (30) निवासी नया पटेलनगर राहिया जिला जालौन उ.प्र. घायल हुए, जिनका नरसिंहपुर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनके अलावा भी पांच लोगों को आंशिक चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

हादसे के बाद बस में सवार शेष यात्री मुंगवानी में ही रुके हुए हैं और वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार कर रहे हैं। दुर्घटना के बाद कई यात्री मानसिक रूप से भी परेशान नजर आए, विशेषकर छोटे बच्चों और महिलाओं में भय का माहौल देखा गया।

जिला अस्पताल पहुंचने के बाद अस्पताल चौकी में पदस्थ आरक्षक दिनेश वाडिवा ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी घायलों एवं उनके परिजनों के लिए चाय-बिस्किट की व्यवस्था कराई। विशेष रूप से घायल बच्चों के लिए बिस्किट और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें राहत मिली।

आरक्षक की इस पहल की यात्रियों और उनके परिजनों ने सराहना की। यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की निजी यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और चालकों की नियमित जांच की आवश्यकता की ओर संकेत करता है।
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