
नईदुनिया प्रतिनिधि, नीमच: आंगनबाड़ी केंद्र पर मधुमक्खियों ने हमला किया तो स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष ने अपनी जान पर खेलकर मासूम बच्चों को बचा लिया। इस तरह मध्य प्रदेश के नीमच जिले की कंचन बाई मेघवाल इंसानियत के प्रति कर्त्तव्य और इसके लिए समर्पण व साहस का उदाहरण बन गई हैं। सोमवार को हुई इस घटना में कंचन की जान जाने से हर कोई दुखी और उनके प्रति नतमस्तक नजर आया।
यहां सोमवार को सुबह आंगनबाड़ी केंद्र पर कई बच्चे मौजूद थे। केंद्र की सहायिका बाकी बच्चों को लेने गई हुई थी। इसी बीच बच्चों पर बाहर से झुंड के रूप में आईं मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। पास में ही स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष 45 वर्षीय कंचन बाई मेघवाल की घर है। वह आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित हैंडपंप पर कपड़े धो रही थीं।
उन्होंने जब बच्चों पर मधुमक्खियों का हमला होते देखा तो वह दरी और कंबल लेकर दौड़ीं और आनन-फानन में सारे बच्चों पर दरी और कंबल से घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित वहां से निकालकर दूर पहुंचाया। लेकिन इस दौरान उन्हें मधुमक्खियों ने जमकर काटा। बच्चों को बचाकर वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस बीच आसपास के ग्रामीण भी एकत्र हो गए। डायल 112 को बुलाकर घायल कंचन बाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगीता मेघवाल के अनुसार, घटना के समय वह कुछ बच्चों को छोड़ने गांव में गई थी। लौटने तक कंचन बाई को बच्चों की देखरेख करने की बात बोल गई थीं। आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चोंं को बचाने की कोशिश में स्व सहायता समूह की अध्यक्ष की मौत हो गई। उन्होंने दरी और कंबल की मदद से बच्चों को बमुश्किल बचाया था।
यह भी पढ़ें- पटना-इंदौर एक्सप्रेस का कोच अटेंडेंट कर रहा था दुर्लभ कछुओं की तस्करी, भोपाल में RPF के हत्थे चढ़ा
गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद महिला के शव को स्वजनों के सुपूर्द किया गया।
सरवानिया महाराज चौकी प्रभारी एसआई नीलेश साेलंकी के अनुसार कंचन बाई के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों के सुपूर्द किया है। मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है।