'अगर पुलिस तैनात होती तो बच जाती 9 जानें': राजगढ़ हादसे की जांच में लीपापोती; जिम्मेदारी तय नहीं कर पाया प्रशासन
हादसे के बाद प्रशासन ने दोनों पुलियाओं के बीच क्रैश वाल बनाने के निर्देश दिए हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई अभी स्पष्ट नहीं है।
Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 12:08:27 PM (IST)Updated Date: Wed, 12 Aug 2026 12:08:27 PM (IST)
उफनाए पुल से कार नाले में बह गई, एक ही परिवार के 11 लोग यात्रा कर रहे थे, दो को बचाया जा सका। नईदुनिया।HighLights
- राजगढ़ में दर्दनाक हादसा, नौ लोगों की मौत
- हादसे से पहले पुल पर था पानी, फिर भी नहीं लगी रोक
- जिम्मेदारी तय करने के बजाय एजेंसी को नोटिस
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़ । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में नाले का पुल पार करते समय कार सवार एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत के ठीक अगले दिन मंगलवार को जिला प्रशासन इस घटना को भूल जाना चाहता है। इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी इसकी जांच कराने या जिम्मेदारी तय करने की कोई कोशिश भी नहीं की गई।
फिलहाल प्रशासन पुल का निर्माण करने वाली एजेंसी को एक नोटिस भेजने की तैयारी में है। इसके साथ ही दोनों पुलिया के बीच क्रैश वाल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
हादसे में गई थी 9 लोगों की जान
बता दें कि सोमवार को पड़ाना बायपास पर उफनाए पुल से उस समय एक कार बह गई, जब देवास जिले के धंसाड़ निवासी एक ही परिवार के 11 लोग कड़लावद के लिए जा रहे थे।
नाले का पानी सड़क पर होने के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार नाले में समा गई थी। सिर्फ दो लोगों को ही बचाया जा सका, बाकी नौ लोगों की मौत डूबने से हो गई। इनमें चार बच्चे भी थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों को गुस्सा भड़क उठा था। शव निकालने के दौरान उन्होंने पुलिस-प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाए।
ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ आते ही पुल पर पुलिस तैनात हो जाती तो यह हादसा रोका जा सकता था। एसपी अमित कुमार तोलानी ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया देना उचित नहीं समझा।
यह थीं खामियां, इनका जिम्मेदार कौन?
जिस समय कार ने नाले को पार करने का प्रयास किया था, उससे कई घंटे पहले पुल पर पानी चढ़ चुका था। इस बीच प्रशासन ने न तो बैरिकेड लगाए और न ही किसी को यातायात रोकने के लिए वहां तैनात किया। जिस नाले में कार बही है उस नाले पर रैलिंग तक नहीं थी।
पानी काफी समय पहले सड़क पर आ गया था। वहां समय रहते पुलिस-प्रशासन की टीम तैनात करना चाहिए थी, लेकिन किसी को तैनात नहीं किया। न पुलिया पर रैलिंग थी और न ही संकेतक, न बैरिकेड लगाए। हर स्तर पर लापरवाही बरती गई है। इसकी वजह से नौ जाने चली गई। प्रशासन जिम्मेदारों पर कार्रवाई करें, अन्यथा हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। - चंदरसिंह सौंधिया, अध्यक्ष, जिला पंचायत, राजगढ़
एजेंसी को नोटिस दे रहे हैं। वहां क्रैश वाल दोनों पुलिया के बीच बनाने के निर्देश दिए हैं। शेष पुलिस रिपोर्ट के बाद। - डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, कलेक्टर, राजगढ़