
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। जिले के खिलचीपुर में शादी के नाम पर 3 लाख 10 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। युवती ने पहले युवक से शादी की, ससुराल पहुंची और एक रात रुकने के बाद खुद पुलिस को फोन कर बंधक बनाए जाने की सूचना दे दी। पुलिस जांच में मामला उल्टा निकला और पूरी कहानी कथित साजिश के रूप में सामने आई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने युवती, उसके कथित प्रेमी और एक बिचौलिए के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
खिलचीपुर पुलिस के मुताबिक तलावड़ा निवासी रामप्रसाद तंवर अपने छोटे भाई ग्यारसीराम की शादी के लिए लड़की तलाश रहे थे। इसी दौरान रिश्तेदारी के माध्यम से उनकी मुलाकात ग्राम कोयला निवासी राजू तंवर से हुई।
राजू ने एक युवती से शादी कराने का भरोसा दिलाया और बाद में रामप्रसाद की मुलाकात रंजना सिरोनिया और गोविंद सौंधिया से कराई। रंजना ने खुद को पति से अलग रह रही महिला बताया, जबकि गोविंद को अपना भाई बताया।
बातचीत के दौरान आरोपितों ने शादी से पहले जेवर और अन्य खर्चों के नाम पर रकम मांगी। पीड़ित परिवार ने भरोसा कर अलग-अलग किश्तों में करीब 3 लाख 10 हजार रुपये दे दिए।
आरोप है कि गोविंद सौंधिया जेवर खरीदने के नाम पर रुपये लेकर चला गया और वापस नहीं लौटा। इसके बाद रंजना ने ग्यारसीराम के साथ बोरकापानी मंदिर में शादी कर ली और तलावड़ा स्थित ससुराल पहुंच गई।
रंजना एक रात ससुराल में रुकी और अगले ही दिन पुलिस को फोन कर खुद को बंधक बनाए जाने की सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में मामला पूरी तरह अलग निकला।
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पुलिस जांच में सामने आया कि शादी और बंधक बनाए जाने की कहानी कथित रूप से पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। योजना के तहत शादी कर रकम ऐंठने और बाद में पुलिस बुलाकर निकल जाने की तैयारी थी।
मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने चाटूखेड़ा की इंग्ले कॉलोनी में रहने वाली रंजना सिरोनिया, गोविंद सौंधिया और राजू तंवर के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।