
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। स्वास्थ्य विभाग राजगढ़ की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. शोभा पटेल और सीएमएचओ कार्यालय के लेखापाल दिनेश पारीक को निलंबित कर दिया है। दोनों की मिलीभगत से एक सफाईकर्मी की मृत्यु के नौ महीने बाद तक उसका वेतन निकाला जाता रहा। दरअसल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढाबला में तैनात एक सफाई कर्मचारी सुमित्रा बाई का 18 जनवरी 2025 को निधन हो गया।
केंद्र के चिकित्सा अधिकारी ने 28 जनवरी को पत्र लिखकर इसकी सूचना वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी। उस माह के उपस्थिति पत्रक से भी मृतका का नाम हटा दिया। उसके बाद भी सीएमएचओ कार्यालय से मृतका के नाम पर 14,844 रुपये का वेतन जारी कर दिया गया। यह क्रम अक्टूबर 2025 तक चलता रहा।
इसी बीच इसकी शिकायत विभागीय मुख्यालय पहुंची। अप्रैल 2026 में इसकी जांच कराई गई, जिसमें पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जांच समिति ने डा. शोभा पटेल, लेखापाल दिनेश पारीक के साथ रामगोपाल नारेडा को इसके लिए दोषी पाया। नारेडा अब सेवानिवृत्त हो चुका है। लोकायुक्त पुलिस ने अप्रैल 2026 में सीएमएचओ डा. शोभा पटेल को 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। विभाग ने उनका स्थानांतरण किया, लेकिन वे उच्च न्यायालय से स्टे ले आईं।
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