नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। राजगढ़ जिले में इन दिनों पुलिस पर अपराधी भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस के आगे अपराधियों के हौंसले बुलंद है। यही कारण है कि दो दिन के भीतर अलग-अलग स्थानों पर राजगढ़ जिले की पुलिस चार स्थानों पर मारपीट व अभद्रता की शिकार हो गई।
ताजा मामला राजगढ़ शहर का है, जहां एक प्रधान आरक्षक के साथ बदमाशों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि रुपये भी लूट लिए।
समझाइश देने पर फाड़ी वर्दी
जानकारी के मुताबिक 19 सितंबर शनिवार रात प्रधान आरक्षक नंदकिशोर मीणा राजगढ़ के किला गेट क्षेत्र में गणेश उत्सव की ड्यूटी कर रहे थे। तब ही कुछ युवक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल चलाते हुए बाजार से निकले। प्रधान आरक्षक ने उन्हें बाजार में तेज गति से वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी।
इसके बाद बदमाश मोटरसाइकिल खड़ी कर एकित्रत हुए और वापस मौके पर पहुंचकर प्रधान आरक्षक मीणा के साथ गाली-गलौच करते हुए विवाद शुरू कर दिया। उन्होंने विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट करते हुए उनकी वर्दी फाड़ दी।
पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने न सिर्फ मारपीट कर वर्दी फाड़ी बल्कि उनका 5 हजार रुपयों से भरा पर्स भी लूट लिया।
हालांकि पुलिस ने प्रधान आरक्षक की रिपोर्ट पर भारत तंवर, अनारसिंह तंवर, ललित तंवर, कालू तंवर, राकेश तंवर, राजेश तंवर और धर्मेंद्र तंवर, सभी निवासी झंझारपुर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। राजेश तंवर को छोड़कर बांकी सभी छह आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
डायल 112 पर मौजूद पुलिसकर्मी को पीटा
इसके पहले 17 सितंबर की रात को राजगढ़ जिले की पुलिस एक ही केस में दो बार पिट गई। पहले घोड़ाखेड़ा गांव में मारपीट की व दूसरी टीम के साथ फिर खैरासी के समीप मारपीट की। खुजनेर थाने की डायल 112 को सूचना मिली थी कि राकेश वर्मा की पत्नी के साथ ससुराल पक्ष के लोग विवाद व मारपीट कर रहे हैं।
इस सूचना के बाद खुजनेर थाने की डायल 112 घोड़ाखेड़ा गांव पहुंची, लेकिन वहां पर डायल 112 पर मौजूद पुलिसकर्मी राहुल भिलाला को देख राकेश व उनके परिवार के लोग भड़क गए व विवाद करते हुए पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इसमें पुलिस ने एफआइआर की थी।
पुलिस टीम को पीटा
घोड़ाखेड़ा गांव में जब राहुल भिलाला के साथ मारपीट की तो खुजनेर टीआइ रवि ठाकुर सहित बल घोड़ाखेड़ा पहुंचा, लेकिन आरोपित भाग निकले थे।
खुजनेर टीआई की सूचना पर राजगढ़ से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की डीसीबी शाखा में पदस्थ एएसआइ शादाब खान, प्रधान आरक्षक पुरूषोत्तम, आरक्षक ललित तोमर व आरक्षक श्याम रघुवंशी आरोपितों की तलाश में रवाना हुए।
टीम करेडी से खैरासी की तरफ आगे बड़ी। जहां आरोपित राकेश वर्मा और महेंद्र वर्मा को पुलिस टीम ने पकड़ लिया गया। इसी दौरान पीछे से आरोपित विजय सिंह, कांताबाई और एक नाबालिग वहां बाइक से पहुंच गए। पुलिस के अनुसार पुलिस पकड़ में मौजूद राकेश और महेंद्र ने अपने परिजनों को उन्हें छुड़ाने के लिए आवाज लगाई।
इसके बाद विजय सिंह, कांताबाई और एक नाबालिग ने हमला कर दिया। साथ ही पुलिस की पकड़ से छूटकर राकेश व महेंद्र ने भी हमला कर दिया था।
ब्यावरा में टीआई और आरक्षक से अभद्रता
19 सितंबर को एक विवाद ब्यावरा सिटी पुलिस के साथ हुआ। यहां एक युवक द्वारा आत्महत्या करने के बाद कुछ लोग उसका शव लेकर थाने के सामने पहुंचे थे।
भगौरा निवासी महेश सौंधिया व परिजन शव लेकर थाने के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव को थाने से वापस ले जाने के लिए कहा, जबकि महेश शव को सड़क पर रखकर विरोध जताना चाहता था।
पुलिस द्वारा की गई एफआईआर के मुताबिक महेश सौंधिया को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने थाना प्रभारी शिवराजसिंह चौहान का हाथ पकड़ लिया व बांई कलाई में चोट आई है।
पास में मौजूद एचसीएम राधेश्याम दुगारिया के साथ भी झूमाझटकी कर अभद्रता की गई जिससे उनके भी हाथ में चोट आई है। हालांकि पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर एफआइआर कर दी है।