
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम: रतलाम जिले के धराड़ स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत ग्राम नयाखेड़ा में मंगलवार को हुए टीकाकरण कार्यक्रम के बाद एक 10 माह के शिशु की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार में शोक और गांव में आक्रोश का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच आंगनबाड़ी केंद्र पर 10 माह के बच्चों को नियमित टीके लगाए जा रहे थे। इस दौरान तीन शिशुओं को टीकाकरण किया गया। इनमें प्रियांशु पुत्र धर्मेंद्र मालवीय भी शामिल था। टीका लगने के कुछ समय बाद ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
परिजनों के अनुसार दो टीके हाथ पर और एक जांघ पर लगाया गया था। टीकाकरण के बाद प्रियांशु के हाथ-पैर ढीले पड़ गए। उसकी मां कविता और अन्य स्वजन घबरा गए। उस समय उसके पिता धर्मेंद्र मालवीय गांव से बाहर थे, जिन्हें मोबाइल पर सूचना दी गई।
दोपहर करीब दो बजे स्वजन प्रियांशु को धराड़ स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां स्वास्थ्यकर्मियों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए बाल चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे दोपहर लगभग तीन बजे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब सभी की नजर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
बताया गया कि टीकाकरण के बाद एक अन्य शिशु को भी उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी। हालांकि, बाद में उसकी स्थिति में सुधार हो गया।
मृतक के पिता धर्मेंद्र ने बताया कि जन्म के बाद से अब तक प्रियांशु कभी गंभीर रूप से बीमार नहीं हुआ था। परिवार में एक तीन वर्षीय अन्य बालक भी है। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार मिल जाता तो संभवतः बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
घटना ऐसे समय हुई है जब जिले में 22 मार्च तक दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए घोल और आयरन-फोलिक एसिड अनुपूरण दिया जा रहा है। प्रियांशु की उम्र 10 माह थी, जिससे टीकाकरण प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वर्षा कुरील ने स्पष्ट किया कि प्रियांशु को उसकी आयु के अनुसार निर्धारित टीके लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संबंधित कर्मचारियों से रिपोर्ट तलब कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।