रतलाम कलेक्टर- जिला पंचायत अध्यक्ष में हुई सुलह, मुलकात का समय न मिलने पर दिया था धरना
गौरतलब है कि सोमवार रात करीब आठ बजे जिपं अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी कलेक्ट्रेट परिसर में सीढ़ियों पर पति शंभूलाल के साथ धरने पर बैठ गई थीं। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 24 Mar 2026 06:57:48 PM (IST)Updated Date: Tue, 24 Mar 2026 08:05:47 PM (IST)
फोटो-कलेक्टर से मिलने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय के साथ जिपं अध्यक्ष लालाबाई और उनके पति शंभूलाल।HighLights
- कलेक्टर से मिली जिपं अध्यक्ष, भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा-अब सब ठीक।
- सोमवार को समय नहीं देने पर कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर दिया था धरना।
- साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सुनिश्चित किया जाएगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। सोमवार को कलेक्ट्रेट में धरने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी और कलेक्टर मिशा सिंह के बीच आखिरकार समन्वय बन गया। मंगलवार शाम करीब पांच बजे भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय जिपं अध्यक्ष लालाबाई को साथ लेकर कलेक्टर मिशा सिंह से मिलने पहुंचे।
इस दौरान उनके पति शंभूलाल भी मौजूद रहे। करीब 20 मिनट तक कलेक्टर चैंबर में चली चर्चा के बाद बाहर आए भाजपा जिलाध्यक्ष ने अब सब कुछ ठीक होने की बात कही।
उपाध्याय ने बताया कि गत दिवस समन्वय की कमी के चलते ऐसी स्थिति बनी थी, लेकिन अब सौहार्दपूर्ण माहौल में सभी मुद्दों पर चर्चा हो गई है। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए संगठन स्तर पर भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
गौरतलब है कि सोमवार रात करीब आठ बजे जिपं अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी कलेक्ट्रेट परिसर में सीढ़ियों पर पति शंभूलाल के साथ धरने पर बैठ गई थीं।
उनका आरोप था कि कलेक्टर द्वारा पूरे दिन मिलने का समय नहीं दिया गया। करीब एक घंटे तक चले धरने के बाद एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी। इसके साथ ही पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा के बाद धरना समाप्त कर दिया गया था।
सुबह से शाम तक इंतजार कराने का आरोप
जानकारी के अनुसार, जिपं अध्यक्ष ने सोमवार सुबह ही कलेक्टर से मिलने का समय मांगा था। वे गांव से जुड़े मुद्दों और अन्य समस्याओं को लेकर चर्चा करना चाहती थीं, लेकिन शाम तक मुलाकात नहीं हो सकी। इस पर आक्रोशित होकर वे धरने पर बैठ गईं। उनके पति एवं सांसद प्रतिनिधि शंभूलाल ने आरोप लगाया था कि सुबह 11 बजे आवेदन देने के बाद भी शाम सात बजे तक इंतजार कराया गया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
इन मुद्दों को लेकर थी नाराजगी
शंभूलाल के अनुसार, गांव के मंदिर से जुड़े मामले, एक युवती की गुमशुदगी पर एक माह तक कार्रवाई नहीं होने सहित अन्य विषयों को लेकर कलेक्टर से मिलने का प्रयास किया गया था। गुमशुदा युवती के मामले में बिलपांक थाना प्रभारी को दो दिन में ठोस कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। मंगलवार को हुई मुलाकात के बाद दोनों पक्षों के बीच स्थिति सामान्य होती नजर आई। भाजपा जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अब सभी बिंदुओं पर चर्चा हो चुकी है और मामला सुलझ गया है।