
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रेल मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम के बीच नियमित रेल संपर्क उपलब्ध कराने केउद्देश्य से 09075/09076 मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन को नियमित किया गया है। यह नियमित सेवा संशोधित ट्रेन संख्या 21907/21908 मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस के रूप में संचालित की जाएगी।
जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 21907 मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस की नियमित सेवा 27 मई से मुंबई सेंट्रल से प्रारंभ होगी, जबकि 21908 काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस की नियमित सेवा 28 मई से काठगोदाम से प्रारंभ होगी।
21907 मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को मुंबई सेंट्रल से सुबह 10:55 बजे प्रस्थान कर रतलाम (8.10/8.20) होते हुए अगले दिन दोपहर 1:50 बजे काठगोदाम पहुंचेगी। इसी प्रकार 21908 काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक गुरुवार को काठगोदाम से शाम 5:30 बजे प्रस्थान कर रतलाम (10.30/10.40) होते हुए अगले दिन रात नौ बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।
यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, वडोदरा, रतलाम, शामगढ़, रामगंज मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, मथुरा, हाथरस सिटी, कासगंज, बदायूं, बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर, बहेड़ी, किच्छा, लालकुआं तथा हल्द्वानी स्टेशनों पर ठहरेगी।इस ट्रेन में एसी टू-टियर, एसी थ्री-टियर, शयनयान तथा द्वितीय श्रेणी के सामान्य डिब्बे होंगे।
09075/09076 मुंबई सेंट्रल-काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल साप्ताहिक स्पेशल में आरक्षण कराने वाले यात्रियों से अनुरोध है कि संशोधित ट्रेन संख्याओं को ध्यान में रखें, क्योंकि यह ट्रेन उपर्युक्त तारीखों से ट्रेन संख्या 21907/21908 के रूप में संचालित की जाएगी। ट्रेनों के समय, ठहराव एवं रेक संरचना संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।
आलोट : यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। कोटा-चौमहला मेमू ट्रेन 61624/61623 अब उज्जैन तक चलेगी। रेलवे बोर्ड ने इसके विस्तार के आदेश जारी कर दिए हैं। सांसद अनिल फिरोजिया ने उन्होंने बताया कि ट्रेन के संचालन की तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।
यात्रियों की लंबे समय से इस ट्रेन को उज्जैन तक बढ़ाने की मांग थी। रेलवे की करीब दो साल पहले से ही इसे उज्जैन तक चलाने की योजना थी। दरअसल, पहले कोटा-नागदा ट्रेन को चौमहला तक बढ़ाने का प्रस्ताव था, लेकिन यात्रियों के भारी विरोध के कारण कोटा-चौमहला को ही उज्जैन तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसी विरोध के चलते आदेश जारी होने में समय लगा।
ट्रेन के उज्जैन तक विस्तार से कोटा-नागदा-चौमहला क्षेत्र के यात्रियों को महाकाल के दर्शनों के लिए एक अतिरिक्त ट्रेन मिल गई है। इससे खासकर श्रावण मास और त्योहारों पर यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।