रतलाम–चित्तौड़गढ़ लाइन पूरी तरह डबल ट्रैक, मंदसौर-दलौदा रेलखंड पर 120 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन
रतलाम रेल मंडल में नीमच–रतलाम दोहरीकरण परियोजना के तहत मंदसौर–दलौदा 14 किमी नए डबल ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण शुक्रवार को सफल रहा। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 09 May 2026 11:26:18 AM (IST)Updated Date: Sat, 09 May 2026 11:30:10 AM (IST)
दोहरीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए सीआरएस।HighLights
- 14 किमी मंदसौर–दलौदा खंड का सीआरएस निरीक्षण पूरा
- 120 किमी प्रति घंटे से हुआ स्पीड ट्रायल, मिली संचालन की मंजूरी
- रतलाम–चित्तौड़गढ़ 190 किमी मार्ग अब पूरी तरह डबल
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम रेल मंडल अंतर्गत नीमच–रतलाम दोहरीकरण परियोजना के तहत मंदसौर–दलौदा रेलखंड के लगभग 14 किलोमीटर लंबे नवीन डबल ट्रैक का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा सफल निरीक्षण व स्पीड ट्रायल शुक्रवार को पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही करीब 133 किलोमीटर लंबे नीमच–रतलाम रेलखंड का दोहरीकरण लगभग पूर्ण हो गया है और रतलाम–चित्तौड़गढ़ करीब 190 किलोमीटर लंबा रेलमार्ग अब पूरी तरह दोहरीकृत बन गया है।
पश्चिम परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास ने आठ मई को मंदसौर–दलौदा खंड का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान नवीन रेल लाइन पर बने पुलों, ट्रैक, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई), सिग्नलिंग सिस्टम सहित सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। इससे पहले छह मई को शिवना ब्रिज का भी गहन निरीक्षण किया गया था।
120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली ट्रेन
निरीक्षण के बाद विशेष निरीक्षण यान को लगभग 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता, स्थिरता और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। परीक्षण संतोषजनक पाए जाने पर सीआरएस ने मंदसौर–दलौदा डबल लाइन पर यात्री एवं मालगाड़ियों के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी।
जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार इस स्वीकृति के साथ नीमच–रतलाम दोहरीकरण परियोजना का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। रेलखंड के दोहरीकरण से ट्रेनों की संख्या और गति में वृद्धि संभव होगी। सिंगल लाइन के कारण होने वाली क्रासिंग और अनावश्यक ठहराव की समस्या में कमी आएगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और संचालन अधिक सुगम होगा।